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लाल खून का काला कारोबार

सलाइन वाटर की एक बूंद भी है जानलेवा, मिलावाटी खून का असर होना तय !
    बीते दिनों यूपी एसटीएफ ने राजधानी लखनऊ में चल रहे मिलावाटी खून के गोरखधंधे का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के सरगना मोहम्मद नसीम के समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया. मिलावटखोर सलाइन वाटर मिला खून बेच रहे थे. ऐसा खून सेहत के लिए कितना खतरनाक है यह बताया केजीएमयू के ट्रांसफ्यूजन विभाग की अध्यक्ष डॉ तूलिका चंद्रा ने. डॉ तूलिका के मुताबिक मिलावाटी खून बेहद ही खतरनाक और जानलेवा होता है. इससे मरीज की मौत भी हो सकती है.
     डॉ तूलिका के मुताबिक मिलावाटी खून मरीज को चढ़ाने से गुर्दा, दिल और यकृत से संबंधित गंभीर बिमारी हो सकती है. डॉ चंद्रा बताती हैं कि खून में कोई भी बाहरी तत्व मिलाया गया तो उसके जहरीला होने या उसमे मौजूद विभिन्न तत्वों के प्रभावित होने का खतरा होता है. अगर सलाइन वाटर की एक बूंद भी मिला दे तो वह खतरनाक होता है.
     उन्होंने बताया कि मिलावाटी खून का असर कुछ लोगों में तत्काल होता है तो कुछ लोगों में कुछ माह भर बाद नजर आता है. डॉ तूलिका के मुताबिक सलाइन वाटर या किसी अन्य तरह के मिलावट से बना खून अगर मरीज को चढ़ाया जाता है तो उसके हाथ-पैर या पूरे शरीर में सूजन आ जाती है. खुजली होती है. कई बार पाचन क्रिया प्रभावित होती है. धीरे-धीरे शरीर में पहले से मौजूद ब्लड भी संक्रमित होने लगता है. हेमोग्लोबिन तेजी से गिरता है. यही वजह है कि एक बार मिलावटी खून चढ़ जाने से मरीज के शरीर से ब्लड बनने की प्रक्रिया कम हो जाती है. धीरे-धीरे मरीज पर इसका असर बढ़ने लगता है.
     सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंक से ही खून लें. उसके बैग पर ग्रुप, एक्सपायरी नंबर व पंजीयन नंबर अवश्य देखें. ब्लड किसी फैक्ट्री में नहीं बनता है लिहाजा रक्तदान करके ही खून लें. निजी ब्लड बैंक से खून लेने से बचें. अगर जरूरी हो तभी लें और लेते समय उसका पंजीयन अवश्य चेक करें.

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