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बिहार में 3 दिन में मारी गईं 200 नीलगाय, मेनका-जावड़ेकर आमने-सामने

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    पटना।। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने गुरुवार को प्रकाश जावड़ेकर की अगुआई वाले पर्यावरण मंत्रालय पर जमकर निशाना साधा. मेनका ने कहा कि वह मंत्रालय के ‘जानवरों को मारने की हवस’ को समझ नहीं पा रहीं. मेनका ने आरोप लगाया है कि पर्यावरण मंत्री जावड़ेकर राज्यों को चिट्ठी लिख रहे हैं और जानवरों को मारने की मंजूरी दे रहे हैं. वहीं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि राज्यों के आग्रह के बाद ही जानवरों को मारने का आदेश दिया गया है. महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी ने आरोप लगाया कि हमारी सरकार में पहली दफा पर्यावरण मंत्रालय इतना सक्रिय हो गया है और हर राज्य को चिट्ठी लिखकर पूछ रहा है कि किस जानवर को मारना है, वह आदेश दे देगा.
     वहीं जावड़ेकर का कहना है कि जानवरों के हाथों फसल खराब होने से परेशान किसानों ने इसकी मांग की थी, जिसके बाद जानवरों को मारने की अनुमति दी गई है. मेनका ने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय हर राज्य को लिख रहा है कि आप बताओ किसको मारना है. हम इजाजत दे देंगे. बंगाल में उन्होंने कह दिया कि हाथी को मारें. हिमाचल को कहा कि हाथी को मारें. गोवा में कह दिया कि मोर को. अब कोई जानवर नहीं छूटा. चांदपुर में इतना अनर्थ हो रहा है कि उन्होंने 53 जंगली सुअर मारे हैं. अभी और 50 की इजाजत दी है. इस घटना के लिए पर्यावरण मंत्रालय जिम्मेदार है. पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि किसने क्या कहा उस प्रतिक्रिया नहीं देता. लेकिन कानून के आधार पर किसान की फसल का नुकसान होता है और राज्य सरकार प्रस्ताव देती है तो हम राज्य सरकार को मंजूरी देते हैं. ये केंद्र सरकार का नहीं राज्य सरकार का काम है. इसके लिए पहले से ही कानून बना हुआ है. एक अनुमान के मुताबिक मोकामा टाल में 10 हजार से ज्यादा नीलगाय हैं. ये नीलगाय हर साल लाखों रुपए की फसल बर्बाद कर देते हैं.