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जब पत्रकार पर भड़के मंत्री नरोत्तम मिश्रा: तू आजा, बैठ के बता दूंगा

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Image result for narottam mishra angry on times of india journalist     भोपाल।। शिवराज सिंह के प्रिय मंत्री नरोत्तम मिश्रा का एक विवादित बयान सामने आया है। टाइम्स ऑफ इंडिया के पत्रकार पी. नवीन व अमरजीत सिंह ने मप्र में किसानों की आत्महत्या पर मंत्रियों से सवाल जवाब किए। मुद्दा था कि जब मंत्रियों के लिए खेती लाभ का धंधा हो गई है तो फिर किसानों के लिए क्यों नहीं? 2013 में सौंपे ऐफिडेविट के मुताबिक, मिश्रा ने 13 लाख प्रतिमाह कृषि आय का जिक्र किया। टाइम्स ऑफ इंडिया ने पूछा कि वे ऐसे टिप्स साझा करें, जिससे किसानों को भी कृषि से बेहतर कमाई हो, तो वे भड़क गए। उन्होंने कहा, 'तू आ जा, बैठ के बता दूंगा।'  
   TOI की खबर के अनुसार मध्य प्रदेश में खेती और उससे मिल रहे रिटर्न्स की अजब स्थिति सामने आई है। बीते 3 सप्ताह में 24 किसानों की आत्महत्या हुई लेकिन खेती से जुड़े शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट के 18 मंत्रियों को खेती से अच्छा-खासा मुनाफा हुआ।
    कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन से खेती की हालत पर बात करते ही वह उपलब्धियां गिनवाना शुरू कर देते हैं। उनके मुताबिक, इस साल 26 प्रतिशत ग्रोथ, तीसरे साल लगातार ग्रोथ रेट 20 प्रतिशत के पार, 5 कृषि कर्मण अवॉर्ड्स जैसी उपलब्धियों इस राज्य को हासिल हैं। वह कहते हैं, हमारा राज्य 6 सालों से दो बार 'सबसे तेज कृषि ग्रोथ' में अवॉर्ड हासिल कर रहा है। वह कहते हैं कि देश में सबसे ज्यादा उत्पादन के मामले में भी मध्य प्रदेश शीर्ष पर है। फिर किसान परेशान क्यों हैं? इस सवाल पर वह कहते हैं, मैं यह भोपाल जाकर बताऊंगा।
    कैबिनेट मंत्री गोपाल भार्गव का कहना था, 'किसानों की आत्महत्याएं लोकल लीडरशिप के कंट्रोल से रोकी जा सकती हैं। मेरी विधानसभा क्षेत्र में कृषि लाभप्रद है, एक भी किसान ने आत्महत्या नहीं की है।'
     साल 2013 में इलेक्शन कमिशन को सौंपे ऐफिडेविट में मध्य प्रदेश के मंत्रियों ने दावा किया कि वह खेती से लाखों कमा रहे हैं। 20 कैबिनेट मंत्रियों में से 18 ने माना कि उनकी आय के मुख्य सोर्सेज में कृषि भी है। नरोत्तम मिश्रा, गोपाल भार्गव, प्रकाश धुर्वे, विजय सिंह जैसे नेताओं ने माना है कि वे कृषि से अच्छा-खासा कमा रहे हैं। यहां तक कि इनमें से मिश्रा, भार्गव और पवैया जैसे नेताओं ने तो कृषि को एकमात्र इनकम करार दिया है।
    2013 में सौंपे ऐफिडेविट के मुताबिक, मिश्रा ने 13 लाख प्रतिमाह कृषि आय का जिक्र किया। जब टाइम्स ऑफ इंडिया ने पूछा कि वे ऐसे टिप्स साझा करें, जिससे किसानों को भी कृषि से बेहतर कमाई हो, तो वे भड़क गए। उन्होंने कहा, 'तू आ जा, बैठ के बता दूंगा।'

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