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यहाँ बैडरूम में सोती है गाय तो किचन में बैल


     छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर के अभिनव नायक पूरे देश के लिए एक मिसाल हैं. कुसुम ताई दाबके लॉ कालेज से LLB फ़ाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहे, इस छात्र ने अपने घर का नाम ‘जागृति गौ-तीर्थ’ रखा है. कबीरनगर इलाके में रहने वाले, अभिनव 2011 से लेकर अब तक 350 से अधिक गायों और बैलों को अपने घर में शरण दे चुके हैं. अभिनव के इस नेक काम को लेकर कई लोग उससे घृणा भी करते हैं, लेकिन अभिनव को इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता.
     अभिनव ऐसे गायों और बैलों को अपने घर लाकर उनका इलाज़ करते हैं, जो किसी हादसे में घायल या चोटिल हो जाते हैं. उनके इस प्रयास से जहाँ एक ओर कई गायें पूरी तरह से स्वस्थ्य हो जाती हैं, तो दूसरी ओर कई गायों की मृत्यु भी हो जाती है. इलाज के दौरान दम तोड़ने वाली गायों को ‘गौ-लोक गमन’ नाम देकर, हिंदू रीति-रिवाज़ के साथ अभिनव उनका अंतिम संस्कार कर देते हैं.
     अच्छी बात यह है कि अभिनव के इस कार्य में उनका पूरा परिवार साथ देता है. जब अभिनव से सवाल किया गया कि इस कार्य में उसका भविष्य क्या है और इतनी गौवंश का खर्चा कहां से चलता है तो उनका जवाब था कि “जिसने मुझे इस नेक कार्य की जिम्मेदारी दी है वो ही इसकी पूर्ति भी करता है.