लालू यादव ने जब रेलवे को 90000 हजार करोड़ का मुनाफा दिया तो पूरी दुनिया में डंका बज गया, लालू यादव ने यह मुनाफा रेलवे के किसी भी सेक्टर को बिना निजीकरण करते हुए दिया, साथ ही सामाजिक न्याय का भी पूरा ख्याल रखा जैसे कि कुली भाइयों को गैंग मैन बाला पोस्ट देना या फिर कुल्हड़ बाली चाय और नीम की दतुवन का चलन शुरू करवाना, इससे कुम्हार भाइयों को रोजगार मिला,साथ ही रेलवे में वैकेंसी की बाढ़ ला दी, जिससे ग्रामीण - कस्बाई छात्रों को बड़ी संख्या में रोजगार मिला।
पूरी दुनिया लालू जी की प्रबंधन क्षमता की कायल हो गई और विदेशों के टॉप के शिक्षण -व् संस्थानों ने लालू जी को अपने छात्रों को मैनेजमेंट के गुर सिखाने के लिए बुलाया(हॉवर्ड यूनिवर्सिटी) और लालू जी को मैनेजमेंट गुरु की उपाधि दी।
लेकिन भारत की मीडिया और उच्च तबका उन्हें आज भी चारा चोर कहके संबोधित करता है तो इसमें गलती हमारी ही है, हम इस मुद्दे पर डिफेंसिव हो जाते हैं, और अच्छे तर्क न देकर उनके ही पाले में खेलने लगते हैं। आज से यह भी बोलियेगा कि लालू जी देश के सबसे सफल रेल - मंत्री हैं, पूरी दुनिया उन्हें मैनेजमेंट गुरु के नाम से जानती है।
लेकिन भारत की मीडिया और उच्च तबका उन्हें आज भी चारा चोर कहके संबोधित करता है तो इसमें गलती हमारी ही है, हम इस मुद्दे पर डिफेंसिव हो जाते हैं, और अच्छे तर्क न देकर उनके ही पाले में खेलने लगते हैं। आज से यह भी बोलियेगा कि लालू जी देश के सबसे सफल रेल - मंत्री हैं, पूरी दुनिया उन्हें मैनेजमेंट गुरु के नाम से जानती है।
