एक पिता की दो बेटी एक सामान्य दूसरी पिछड़ी कोटे में शिक्षक बनी मुगलसराय।। फारुख अंसारी निवासी मुस्लिम महाल मुगलसराय ने शनिवार की शाम पत्र प्रतिनिधियों से एक वार्ता के दौरान कहां की नामित दस सामान्य जाति के लोग फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाकर, पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र लेकर उर्दू सहायक शिक्षक पद पर नौकरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा की इनकी जांच पड़ताल कराव कर इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होना चाहिए।
फारुक अंसारी ने आरोप लगाया है कि इश्तियाक अहमद निवासी नैढी चहनियां निवासी हैं। जिनकी दो पुत्रियां नाहिद सुल्ताना व शबाना बानो का चयन 2005-6 में उर्दू बीटीसी प्रशिक्षण में चयन हुआ था। नाहिद सुल्ताना का चयन सामान्य जाति में हुआ, जबकि शबाना बानो का चयन पिछड़ी जाति के कोटे में किया गया। इसी तरह जनपद में 10 मुस्लिम समुदाय के लोग जो पिछड़ी जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनवा कर उर्दू बी टी सी प्रशिक्षण में चयनीत हुए, जो आज सहायक शिक्षक पद पर कार्यरत हैं। पीड़ित फारुक अंसारी ने कहां कि मेरी पुत्री सुल्ताना बेगम का चयन होना था लेकिन यह लोग पैसे के बल पर फर्जी प्रमाण पत्र बनवा कर नौकरी में हो गए। उन्होंने कहा की उनके शिकायती पत्र पर मंडलायुक्त वाराणसी, जिलाधिकारी चंदौली के आदेश पर जांच भी हुई और जांच में आरोप सही पाए गये। साथ उन्होंने यह भी आरोप लगाया की उक्त जांच भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। उन्होंने ने शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए जांच की पुनः मांग की है। फारुख ने बताया कि यदि उनके साथ न्याय नही हुआ तो वह हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटायेगे है।
