गोल्ड मेडल मिलना अपने आप में एक सुखद अनुभूति है परंतु यह अंत नहीं है - त्रिवेदी

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गोल्ड मेडल मिलना अपने आप में एक सुखद अनुभूति है परंतु यह अंत नहीं है - त्रिवेदी


विश्वविद्यालय का गौरव बनकर, विद्यार्थी समाज को दे नई दिशा : कुलपति आई वी त्रिवेदी
गोल्ड मैडल देकर प्रतिभावान विद्यार्थियों को किया सम्मानित

     बांसवाड़ा/राजस्थान।। कहते है प्रत्येक देश के विकास मे उस देश के यूवा वर्ग कि महत्वपूर्ण भूूमिका रहती है। अपनी कॉलेज लाईफ मे यूवा वर्ग अपने भविष्य को लेकर ना केवल एक रूपरेखा तैयार करता है अपितु उन्हें अपने उन सपनो को पूरा करने में विश्वद्यालय स्तर का मार्गदर्शन भी उन्हें जीवन में मिलने वाली सफलता की आधारशिला रखता है। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित प्रतिभावान विद्यार्थियों के सम्मान समारोह में कुलपति आईवी त्रिवेदी ने कहा कि विद्यार्थी विश्वविद्यालय का गौरव है। विद्यार्थियों से ही विश्वविद्यालय को अपनी एक अलग पहचान मिलती है। प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने से ना सिर्फ वह अपितु दूसरे अन्य विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
    कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के लिए अवसर और मार्गदर्शक के रुप में होता है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वह विश्वविद्यालय के एक एंबेसडर यानी कि राजदूत के रूप में समाज में पहचाने जाएं। कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों के सामने आज कई अवसर उपलब्ध है अपनी क्षमता और योग्यता के अनुसार सही समय पर सही क्षेत्र का चयन कर प्रयास करने होंगे। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है सतत प्रयास करने पर ही विद्यार्थी अपने लक्ष्य तक पहुंच सकता है। गोल्ड मेडल मिलना अपने आप में एक सुखद अनुभूति है परंतु यह अंत नहीं है। इस स्तर को बनाए रखने और आगे और भी उपलब्धियां अर्जित करने के लिए हमको यही से प्रेरणा मिलती है। आप समाज में विश्वविद्यालय का नाम रोशन करें। विश्वविद्यालय आपको सदैव मार्गदर्शन देने के लिए तैयार है। 

    समारोह में अतिथि के रूप में डीन ऑफ़ मानविकी डॉ सरला पंड्या, डीन ऑफ़ कॉमर्स डी के जैन, कार्यवाहक कुलसचिव डॉ लक्ष्मण परमार, उपस्थित रहें। स्वागत डॉ महीपाल सिंह, दिनेश रावत, पुष्पेंद्र पंड्या, अभिषेक गोदा एवं अनिल जेाशी ने किया। 
    इस अवसर पर विद्यार्थी प्रवीण डोडियार, अंजलि भोई, सुनेना चोबदार ने भी अपने अनुभवों व लक्ष्य को साझा किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडल मिलना अत्यंत सुखद अनुभूति है। कोविड-19 के कारण गत दिनों कुलाधिपति के हाथों से यह पदक नहीं मिल सका था, परंतु आज विश्वविद्यालय ने इसके लिए अलग से सम्मान समारोह आयोजित कर उस कमी को पूरा कर दिया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए हम सदैव तैयार रहेंगे और प्रयास करेंगे कि जहां भी जिस भी रुप में रहे विश्वविद्यालय के विद्यार्थी के रूप में पहचाने जाएं। कार्यक्रम का संचालन परीक्षा नियंत्रक डॉ नरेन्द्र पानेरी ने किया। आभार डॉ लक्ष्मण लाल परमार ने व्यक्त किया।
इन प्रतिभाओ का हुआ सम्मान
    
     समारोह में वर्ष 2019-20 में विभिन्न परीक्षाओं में सर्वश्रेष्ठ प्राप्तांक वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मैडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसमें अनिल भाेई, कार्तिक जैन, लेखनी पाठक, रूपशिखा शर्मा, प्रेक्षा चौहान, स्वाति मेहता, रिया गादिया, मारिया जोशी, हिमानी जोशी, किंजल जैन, शहनाज मंसूरी, शालिनी शर्मा, दीपिका कुमारी सेवक, प्रमिला डोडियार, अक्षय कुमार कुमावत, प्रवीण कुमार डोडियार, जसु यादव, मुकेश कुमार, दीपाली सैन, सनत कुमार भाेई, नयाज सुल्तान, मनीषा सुथार, प्रियंका मधवानी, प्राची वर्मा, राकेश पंचोली, कामिनी शर्मा, सुनैना चोबदार, अश्विनी गोस्वामी शामिल रहे।

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