कांग्रेस हो गई साफ़, कुशलगढ़ एक बार फिर हुआ भाजपामय

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कांग्रेस हो गई साफ़, कुशलगढ़ एक बार फिर हुआ भाजपामय

कुशलगढ के मतदाताओं ने कांग्रेस को 2 सीटों पर समेटा
भाजपा की भर दी 15 सीटों से झोली
 निर्दलीयो ने तीन सीटें जीत कर कांग्रेस को तीसरे नंबर पर धकेला
रफ़ीक भाई बोले राष्ट्रहित तो मोदी ही कर सकता है
    कुशलगढ़/बांसवाड़ा/राजस्थान।। एक लम्बे इंतज़ार के बाद आज फिर से राजस्थान में भाजपा की सरकार के सत्ता में आने की शुरुआत लगता है हो चुकी है। जी हां राजस्थान के बांसवाड़ा जिले की कुशलगढ़ नगर के नगरपालिका चुनाव में कुशलगढ़ के मतदाताओं ने कांग्रेस को जहां दो सीटों पर समेटा वहीं यहां के मतदाताओं ने भाजपा की झोली में 15 सीटे दे कर मोदी की दमंग कार्यशैली पर अपने अमूल्य वोट की मुहर लगा दी है। आपको बता दे की पूर्व में भी इस क्षेत्र में कुशलगढ़ नगर पालिका में बीजेपी का ही बोर्ड था और एक बार फिर नगर की जनता ने बीजेपी को ही अपना समर्थन दे दिया है साथ ही राजस्थान में कांग्रेस की सरकार और उनके नुमांइदों को यह मैसेज भी दे दिया है की लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है। 
   क्षेत्र की जनता ने जहा भाजपा की झोली वोटो से भर दी है वही कांग्रेस अपने अस्तित्व को बचाती नज़र आई है। जनता ने कुशलगढ़ में भाजपा को एक बार पुनः नगरपालिका में बहुमत देकर पुर्व नगरपालिका अध्यक्ष रेखा जोशी के किए कामों को भी स्वीकार कर भाजपा को जीत का जश्न मनाने के लिए मौका दिया है। 
    वहीं कुशलगढ़ की जनता ने निर्दलीय उम्मीदवारों को भी मायूस नहीं किया है 3 सीटो पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी बाज़ी मारी है। 
   आपको बता दें की पुर्व में पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में भाजपा ने अपना परचम लहराया था एवं भाजपा के कानसिंह रावत को जनता ने चुनकर प्रधान बनाया था। बांसवाड़ा जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह राव एवं संगठन व भाजपा के कार्यकर्ताओ ने पुरी लगन और मेहनत से चुनावी दंगल में योगदान देकर राज्य की टूटी बिखरी भाजपा में मानो फिर से जान भर दी है। 
रफ़ीक मोहम्मद हुए मोदी भक्त जाने मोदी को लेकर क्या कहा? 
राजनीति और धर्म को लेकर कुशलगढ मुस्लिम समाज के युवक रफीक मोहम्मद के विचार
राष्ट्रहित सर्वोपरि मोदी ही राष्ट्रहित कर सकता है कांग्रेस ने 70 सालो में कुछ नहीं किया

    वैसे कांग्रेस कुशलगढ़ में क्यो हारी इस पर भी कांग्रेस को मंथन करना होगा क्योंकी पीसीसी सदस्य जब चुनाव हारे और महावीर जीते तब ही कांग्रेस में हार का मातम छा गया था दूसरी और कांग्रेस के दिग्गज व पूर्व अध्यक्ष राघवेश चरपोटा को कांग्रेस पार्टी अपने पुरे दमखम के साथ मैदान में उतारती तो आज राघवेश चुनाव नहीं हारते? वहीं कुछ लोगो का कहना है की कुशलगढ़ के जाने माने कांग्रेस के दिग्गज नेता महेश जोशी होते तो कांग्रेस अपना वजूद बचाने में कुछ हद तक सफल रहती। दूसरी और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी से नाराज़गी भी थी जिसका खामियाज़ा भी कांग्रेस को भुगतना पड़ा है, जिससे आज एक बार फिर कुशलगढ़ के मतदाताओं ने पालिका का चुनाव में भाजपा को बहुमत देकर सत्ता पर काबिज किया है हालाँकि भाजपा कितने समय तक कुशलगढ़ की जनता के दिलों पर राज करेंगी यह तों आने वाला वक्त ही बताएगा?






(धर्मेद्र सोनी) 

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