Headline
Loading latest headlines...

वैक्सीन का झंझट होगा खत्म, आ गई पानी में घोलकर पीने वाली कोरोना की देसी दवा

0
Translate Post:
तेजी से ठीक होते है मरीज़
    कोरोना महामारी में तेज़ी से बढ़ते संक्रमितों ने हमारे हेल्थ सिस्टम की सच्चाई सबके सामने ला कर रख दी है। वैक्सीन की बढ़ती मांग के बिच रेमडेसिविर इंजेक्शन लगवाने की अंधी दौड़ और ऑक्सीजन की कालाबाज़ारी डॉ कई लोग असमय बेमौत मारे गए। लेकिन इन सब के बीच फिलहाल एक अच्छी खबर भी आ रही है, खबर यह है की सरकार ने DRDO की एक ऐसी दवाई के आपातकालीन उपयोग को अनुमति दे दी है जो कोरोना वायरस से लड़ने में काफी सहायक है. इस दवाई का नाम 2-deoxy-D-glucose दिया गया है. जिसे बीते शनिवार ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने अनुमति दे दी है.
    इस दवा के बारे में बताते हुए DRDO के एक अधिकारी ने बताया कि ये दवा कोरोना मरीजों को रिकवर होने में और ऑक्सीजन पर उनकी निर्भरता को कम करती है. यानी इसे लेने के बाद मरीज कोरोना वायरस से जीतने में कम समय ले रहे हैं, संक्रमित मरीज भी जल्दी सही हो रहे हैं. दूसरी तरफ उन्हें ऑक्सीजन की भी कम ही जरूरत पड़ रही है. ऑक्सीजन वाली बात इसलिए अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है कि बीते दिनों देश ने देखा है कि किस तरह ऑक्सीजन की कमी के कारणों सैंकड़ों निर्दोष मरीजों ने दम तोड़ा है.
2-DG दवाई को किसने तैयार किया?
   2-deoxy-D-glucose (2-DG) दवा को DRDO के परमाणु चिकित्सा और संबद्ध विज्ञान संस्थान (Institute of Nuclear Medicine and Allied Sciences) ने हैदराबाद स्थति डॉ. रेड्डी लेबोरेटरीज के साथ तैयार किया है.
2-DG के क्लिनिकल ट्रायल्स कब किये गए?
   2-DG के फेज-2 के ट्रायल्स पिछले साल मई और अक्टूबर महीने में किए गए थे, फेज-2(@) के ट्रायल्स में छः अस्पतालों ने भाग लिया था और फेज-2 (b) में 11 अस्पतालों ने इस दवा की डोज की रेंज जानने के लिए भाग लिया था. फेज-2 के ट्रायल्स में कुल 110 पेशेंट ने भाग लिया था. इसमें देखा गया कि इस दवा को लेने वाले मरीज, बाकी मरीजों की तुलना में लगभग 2.5 दिन पहले ही सही हो जा रहे थे.
  फेज-3 के ट्रायल्स पिछले साल नवंबर महीने में हुए. इन ट्रायल्स को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के 27 कोविड अस्पतालों में किया गया. इस ट्रायल में देखा गया कि इस दवा को लेने वालों में ऑक्सीजन पर निर्भरता कम देखी गई. खास बात ये कि यही ट्रेंड 65 साल से ऊपर के मरीजों में भी देखने को मिला.
2-DG कैसे काम करती है?
    आधिकारिक जानकारी के अनुसार ”क्लिनिकल ट्रायल्स से पता चलता है कि ये दवा मरीजों में इस बीमारी से रिकवर होने की गति को तेज करती है और ऑक्सीजन पर निर्भरता को कम करती है. जिन मरीजों को 2-DG दवा दी गई उनमें से अधिकतर का RT-PCR टेस्ट जल्दी नेगेटिव आया है. ड्रग कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों के लिए काफी सहायक होगी.
कैसे ली जाएगी 2-DG
    भारत सरकार द्वारा जारी स्टेटमेंट के अनुसार2-DG दवा एक पाउच में पाउडर की फॉर्म में आती है. जिसे पानी में घोलकर आसानी से पिया जा सकता है. ये वायरस से प्रभावित सेल्स में जाकर जम जाती है और वायरस सिंथेसिस व एनर्जी प्रोडक्शन को रोककर वायरस को बढ़ने से रोकती है.
कितने दिन में आ जाएगी 2-DG?
    DRDO ने बताया है कि इसे बेहद आसानी से उत्पादित किया जा सकता है, इसलिए देशभर में जल्दी ही आसानी से उपलब्ध भी हो जाएगी. क्योंकि इसमें बेहद जेनेरिक मॉलिक्यूल हैं और ग्लूकोस जैसा ही है.

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)