राजस्थान में ACB की बड़ी स्ट्राइक: जयपुर में SI और नागौर में ASI 10-10 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार
जयपुर/नागौर। राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने दो अलग-अलग जिलों में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी टीमों ने जयपुर के नाहरगढ़ थाने में तैनात उप निरीक्षक (SI) और नागौर के कोतवाली थाने में तैनात सहायक उप निरीक्षक (ASI) को 10-10 हजार रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
1. जयपुर: जब्त पर्स और मोबाइल लौटाने की एवज में मांगा था कमीशन, SI दबोचा गया
जयपुर पुलिस आयुक्तालय उत्तर के नाहरगढ़ थाने में तैनात उप निरीक्षक गिरधारी लाल मीणा को एसीबी की विशेष अनुसंधान इकाई (SIU) ने गुरुवार को 10,000 रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।
मामला: नाहरगढ़ थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 105/2025 के अनुसंधान अधिकारी गिरधारी लाल मीणा ने परिवादी की गिरफ्तारी के दौरान जब्त किया गया मोबाइल फोन और पर्स वापस लौटाने के लिए रिश्वत मांगी थी।
रिश्वत का खेल: आरोपी SI पूर्व में परिवादी से 5,000 रुपये ले चुका था। गोपनीय सत्यापन में सामने आया कि उसने कुल 25,000 रुपये मांगे थे, लेकिन बाद में सामान लौटाने के लिए 10,000 रुपये और लेने पर सहमति बनी।
कार्रवाई: उपमहानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह और एएसपी महावीर सिंह शेखावत के नेतृत्व में निरीक्षक रघुवीर शरण की टीम ने ट्रैप का जाल बिछाया। जैसे ही परिवादी ने थाने में रिश्वत के 10,000 रुपये दिए, एसीबी ने दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
2. नागौर: रिमांड न बढ़ाने व मदद के नाम पर मांग रहा था रिश्वत, ASI रंगे हाथों पकड़ाया
नागौर में एसीबी चौकी की टीम ने कार्रवाई करते हुए कोतवाली थाना के सहायक उप निरीक्षक (ASI) चेनाराम को 10,000 रुपये की घूस लेते पकड़ा।
मामला: आरोपी ASI परिवादी के भाई के खिलाफ दर्ज प्रकरण (संख्या 115/2026) में पुलिस कस्टडी (PC) रिमांड की अवधि न बढ़ाने और मुकदमे में मदद करने की एवज में 40,000 रुपये की मांग कर रहा था।
चाय की थड़ी पर लेन-देन: सत्यापन के दौरान आरोपी 5,000 रुपये पहले ही ले चुका था और 10,000 रुपये और लेना तय हुआ। आरोपी ने रिश्वत की राशि चाय की थड़ी के काउंटर पर रखवाने की योजना बनाई थी।
कार्रवाई: डीआईजी नारायण टोगस के सुपरविजन और एएसपी कल्पना सोलंकी के नेतृत्व में डिप्टी पुलिस अधीक्षक रमेश चन्द्र माचरा की टीम ने आरोपी चेनाराम को परिवादी से 10,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
एसीबी के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता, एडीजी स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस. परिमला के सुपरविजन में दोनों आरोपियों से पूछताछ और उनके आवास व अन्य ठिकानों की तलाशी जारी है। दोनों मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम जांच शुरू कर दी गई है।
ACB का संदेश: बिचौलियों से बचें, डरें नहीं
कार्रवाई के बाद एसीबी ने आमजन के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं:
निष्पक्ष जांच का भरोसा: यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ एसीबी में कोई प्रकरण (प्राथमिक जांच या अभियोग) दर्ज होता है, तो वह सीधे एसीबी मुख्यालय जाकर अपना पक्ष/स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर सकता है। एसीबी गहन विश्लेषण के बाद ही निष्पक्ष निर्णय लेती है। आम नागरिक एसीबी के नाम पर किसी बिचौलिए की धोखाधड़ी के शिकार न बनें।
टोल-फ्री नंबर:
1064(24x7 उपलब्ध)व्हाट्सएप हेल्पलाइन:
94135-02834
