Boycott वोट का बहिष्कार, सत्ता को ललकार: उदयपुर के वार्ड 42 में 60 परिवारों का बड़ा फैसला

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जनता की अनदेखी पड़ी भारी: उदयपुर वार्ड 42 के 60 परिवारों ने किया मतदान बहिष्कार का ऐलान

“वोट लेने आते हैं, जीतने के बाद गायब हो जाते हैं” — आक्रोशित कॉलोनीवासियों का छलका दर्द

उदयपुर। नगर निगम चुनाव की सरगर्मियों के बीच वार्ड नंबर 42 से जन-प्रतिनिधियों और प्रशासन को आईना दिखाने वाली खबर सामने आई है। लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की घोर अनदेखी और उपेक्षा से त्रस्त लगभग 60 परिवारों ने इस बार चुनाव में 'मतदान के पूर्ण बहिष्कार' का कड़ा फैसला लिया है। स्थानीय निवासियों के इस कदम ने राजनीतिक दलों के समीकरण बिगाड़ दिए हैं और प्रशासनिक महकमे में भी हड़कंप मचा दिया है।

"जीतने के बाद शक्ल नहीं दिखाते!" — उदयपुर में वादों से परेशान जनता ने खोला मोर्चा

नेताओं के वादों से उबा जनता का भरोसा

स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि चुनाव आते ही दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रत्याशी और पदाधिकारी हाथ जोड़कर वोट मांगने तो आ जाते हैं, लेकिन चुनाव जीतते ही इस क्षेत्र को पूरी तरह भूल जाते हैं। कॉलोनीवासियों का कहना है कि क्षेत्र 'एग्रीकल्चर कॉलोनी' होने का हवाला देकर अधिकारी और जनप्रतिनिधि हर बार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। इसके चलते लंबे समय से सड़क, पक्की नालियां और पीने के साफ पानी जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी लोग तरस रहे हैं।

सार्वजनिक पार्क पर 'कब्जा', बच्चे खेलने को मोहताज

बुनियादी सुविधाओं के अभाव के साथ-साथ कॉलोनी में स्थित सार्वजनिक उद्यान (पार्क) को लेकर भी लोगों में भारी गुस्सा है। निवासियों ने आरोप लगाया है कि पार्क पर एक व्यक्ति की कथित तानाशाही और मनमानी के कारण क्षेत्र के बच्चे वहां खेल तक नहीं पाते। वरिष्ठ नागरिकों का टहलना भी मुश्किल हो गया है। शिकायत के बावजूद प्रशासन इस संबंध में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा है।

"समाधान नहीं, तो मतदान नहीं"

जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की लगातार उपेक्षा से आक्रोशित वार्डवासियों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। कॉलोनी के लोगों ने सर्वसम्मति से साफ कर दिया है कि जब तक उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होता और मूलभूत सुविधाएं शुरू नहीं की जातीं, तब तक कोई भी परिवार पोलिंग बूथ का रुख नहीं करेगा।

अब देखना यह होगा कि जन-आक्रोश का यह विस्फोट नींद में सोए प्रशासन और नेताओं की आंखें खोल पाता है या नहीं।

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