राजस्व मामलों में आमजन को मिले त्वरित राहत, पुराने प्रकरणों का हो प्राथमिकता से निस्तारण: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास
जयपुर : शासन सचिवालय में आयोजित राजस्व न्यायालयों की उच्चस्तरीय मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को कड़े और स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों में आमजन को समय पर राहत मिलना बेहद जरूरी है। इसके लिए पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और कानून व निर्धारित प्रक्रियाओं का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव के कड़े निर्देश और प्रमुख बिंदु:
समन तामील के लिए चलेगा विशेष अभियान: मुख्य सचिव ने कहा कि समन की समय पर तामील ही मामलों को आगे बढ़ाने की कुंजी है। समन रुकने के कारण लंबित पड़े मामलों की गति बढ़ाने के लिए उन्होंने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
अनावश्यक स्थगन (Adjournment) पर रोक: अदालतों में बार-बार बेवजह तारीखें टालने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने और हर मामले को तय प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
स्पष्ट और कारणयुक्त (Reasoned Orders) आदेश हों: जोत के विभाजन और भूमि विवादों से जुड़े मामलों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अधिकारी स्वयं स्थल निरीक्षण करें। न्यायालय के आदेश इतने स्पष्ट और तर्कसंगत होने चाहिए कि पक्षकार को यह आसानी से समझ आ सके कि निर्णय किस आधार पर लिया गया है।
सामान्य त्रुटि और अधिकार विवाद में अंतर समझें: राजस्व अभिलेखों में नाम या टंकण (Typing) से जुड़ी सामान्य गलतियों के सुधार के लिए सरल प्रक्रिया अपनाई जाए। इसे भूमि स्वामित्व या अधिकार से जुड़े जटिल विवादों से अलग रखकर निपटाया जाए।
सार्वजनिक भूमि और कमजोर वर्गों के अधिकारों की सुरक्षा: महिलाओं और बालिकाओं के वैधानिक अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ चारागाह, मंदिर भूमि और अन्य सामुदायिक जमीनों पर अतिक्रमण रोकने व उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए।
डिजिटल मॉनिटरिंग और नियमित निरीक्षण: राजस्व मंडल को अदालतों की कार्यप्रणाली की ऑनलाइन प्रणाली (Online Portal) के जरिए लगातार मॉनिटरिंग करने और अधिकारियों को नियमित अनुपालना रिपोर्ट (Compliance Report) समय पर भेजने के आदेश दिए गए।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी और सुझाव:
बैठक में प्रमुख शासन सचिव (राजस्व एवं उपनिवेशन) टी. रविकांत ने भी प्रत्येक न्यायालय की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और पुराने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर बल दिया। वहीं, राजस्व मंडल (अजमेर) के निबंधक ने दैनिक वाद सूची, मुआयना और ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की।
मुख्य सचिव के विशेष आमंत्रण पर जिला परिषद जयपुर के सीईओ शुभम भैसारे ने भी राजस्व न्यायालयों में अपने कार्य-अनुभव साझा किए। उन्होंने पक्षकारों को निष्पक्ष एवं पर्याप्त सुनवाई का अवसर देने और कानून के दायरे में स्पष्ट आदेश पारित करने की आवश्यकता पर विचार रखे।
