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शिनाख्त का मतलब आरोप सिद्ध होना नहीं: कोर्ट

    नई दिल्ली।। शिनाख्त परेड में शामिल होने से इंकार करना ही आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध करने के लिये पर्याप्त नहीं है। अदालत ने यह कहते हुए लापरवाही से वाहन चलाने की वजह से एक व्यक्ति की मौत के आरोपों का सामना कर रहे बस चालक को बरी कर दिया। जानकारी के अनुसार अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रामाचला ने बस चालक की दोषसिद्धि और उसकी सजा निरस्त करते हुये कहा कि अभियोजन वाहन चालक के खिलाफ संदेह से परे मामला साबित करने में विफल रहा है।
    दरअसल दिल्ली निवासी सुनील कुमार ने लापरवाही से बस चलाने के कारण एक साइकिल सवार की मृत्यु के मामले में दोषी ठहराये जाने और इसके लिये सुनायी गयी 18 महीने की सजा को चुनौती दी थी। अदालत ने उस पर पांच हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया।