मुलायम सिंह यादव को बचपन से ही पहलवानी का बड़ा शौक था। शाम को स्कूल से लौटने के बाद वे अखाड़े में जाकर कुश्ती लड़ते थे। उनके बारे में कहा जाता था कि वे अखाड़े में बड़े से बड़े पहलवान को चित्त कर देते थे। आप सोच रहे होंगे कि फिर आखिर ऐसा क्या हुआ जो कुश्ती का यह खिलाड़ी अखाड़े से राजनीति के मैदान में शिफ्ट हो गया।
मुलायम सिंह यादव पढ़ाई के दौरान ही समाजवादी आंदोलन से जुड़ गए। डॉ राम मनोहर लोहिया के नहर रेट आंदोलन से जुड़े। कहा जाता है कि नौ साल की उम्र में ही मुलायम सिंह यादव को एकबार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि नाबालिग मानकर तुरंत ही उन्हें रिहा कर दिया गया।
जानें, मुलायम की कहानी, उनके बचपन के दोस्त की जुबानी
मुलायम सिंह यादव के बचपन के मित्र और 43 सालों से सैफई के प्रधान दर्शन सिंह यादव ने मुलायम के बचपन और जवानी से जुड़े कई सारे किस्से 'ईनाडु इंडिया' के साथ साझा किया। प्रधान दर्शन सिंह बताते हैं कि नेताजी (मुलायम सिंह यादव) चुनाव लड़ने के लिए पैसे का जुगाड़ करने में लगे हुए थे लेकिन पैसे का जुगाड़ नहीं हो पा रहा था। एक दिन नेताजी के घर की छत पर पूरे गांववालों की बैठक हुई जिसमे सभी जाति के लोगों ने भाग लिया।
गांव के ही सोने लाल शाक्य ने बैठक में सबके सामने कहा कि मुलायम सिंह यादव हमारे हैं और उनको चुनाव लड़ाने के लिए हम गांव वाले एक शाम खाना नहीं खाए। एक शाम खाना नहीं खाने से कोई मर नहीं जायेगा पर एक दिन खाना छोड़ने से आठ दिनों तक मुलायम की गाड़ी चल जाएगी। इसके बाद फिर से एक शाम खाना छोड़ देंगे। सोने लाल के प्रस्ताव का सबने समर्थन किया और वही हुआ।
दोस्तों को तोड़ कर खिलाते थे फल, पड़ती थी पिताजी की डांट
मुलायम के बचपन के मित्र प्रधान दर्शन सिंह यादव ने ईनाडु इंडिया से विशेष बातचीत में मुलायम के बचपन से जुड़ी कई बातें साझा की। दर्शन सिंह बताते हैं कि मुलायम सिंह यादव का बचपन अभावों में बीता पर वे अपने साथियों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे।
मुलायम सिंह छोटे कद के थे, लेकिन उनमें गजब की फुर्ती थी। अक्सर वे पेड़ों पर चढ़ जाते थे और आम, अमरुद, जामुन वगैरह तोड़कर अपने साथियों को खिलाते थे। कई बार लोग उनकी शिकायत लेकर उनके घर पहुंच जाते थे। तब उन्हें पिताजी की डांट भी पड़ती थी। दर्शन सिंह यादव कहते हैं कि हमारी मित्र मंडली में दो लोग और भी थे। हाकिम सिंह और बाबूराम सेठ पर अफसोस दोनों अब इस दुनिया में नहीं हैं।
जिस कॉलेज में पढ़ा, उसी में पढ़ाया
मुलायम सिंह यादव ने मैनपुरी के जिस कॉलेज में पढ़ाई की, बाद में उसी कॉलेज में पढ़ाया। बकौल दर्शन सिंह यादव मुलायम सिंह यादव को राजनीति में लाने का श्रेय अपने समय के कद्दावर नेता नत्थू सिंह को जाता है। चौधरी नत्थू सिंह ने मुलायम सिंह के लिए अपनी सीट छोड़ दी। उन्हें चुनाव लड़वाया और सबसे कम उम्र में विधायक बनवाया।
बहुत हुआ था मुलायम का विरोध
उस समय बहुत सारे लोग ऐसे थे जिन्होंने मुलायम सिंह को विधानसभा का टिकट दिए जाने का विरोध किया था, लेकिन नत्थू सिंह के आगे किसी का विरोध नहीं चला। प्रधान दर्शन सिंह कहते हैं कि मुलायम सिंह यादव आज देश के बहुत बड़े नेता हैं लेकिन जब भी उनसे मुलाकात होती है तो हम लोग बचपन की पुरानी बातों को याद करते हैं।
दर्शन सिंह कहते हैं कि मुलायम सिंह ने न जाने कितने लोगों की मदद की है लेकिन वे कभी किसी पर इस बात का एहसान नहीं जताते। दर्शन सिंह यादव बताते हैं कि जब मुलायम सिंह को पहली बार विधानसभा का टिकट मिला था तो हम लोगों ने जनता के बीच जाकर वोट के साथ-साथ चुनाव लड़ने के लिए चंदा भी मांगा था।
एक नोट, एक वोट का चला था फार्मूला
मुलायम सिंह अपने भाषणों में लोगों से एक वोट और एक नोट (एक रुपया) देने की अपील करते थे। वे कहते थे कि हम विधायक बन जाएंगे तो किसी न किसी तरह से आपका एक रुपया ब्याज सहित आपको लौटा देंगे। लोग मुलायम सिंह की बात सुनकर खूब ताली बजाते थे और दिल खोलकर चंदा देते थे।
'धक्का मार कार' में घूमते थे मुलायम सिंह यादव
बकौल दर्शन सिंह यादव पहले हम लोग साइकिल से चुनाव प्रचार करते थे। बाद में चंदे के पैसों से एक सेकेंड हैंड कार खरीदी पर हम लोगों को इस कार को खूब धक्के लगाने पड़ते थे, क्योंकि यह कार बार-बार बंद हो जाया करती थी। दर्शन सिंह बताते हैं कि मुलायम सिंह को राजनीति में बहुत संघर्ष करना पड़ा लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी।
चौधरी नत्थू सिंह ने मुलायम सिंह को राजनीति में आगे बढ़ाया। नत्थू सिंह ने मुलायम सिंह के लिए अपनी सीट छोड़ी। वे कहते थे कि मुलायम सिंह पढ़े-लिखे हैं। इसलिए इनको विधानसभा में जाना चाहिए।
जानें, अखिलेश यादव का नाम कैसे रखा गया टीपू
दर्शन सिंह बताते हैं कि जब मुलायम सिंह यादव को पुत्र रत्न की प्रप्ति होने की सूचना मिली तो हमने बिना किसी से पूछे उसका नाम टीपू रख दिया। लोगों ने कहा कि आपने टीपू नाम क्यों रख दिया तो हमने उन्हें बताया कि टीपू सुल्तान अपने जमाने का बहुत बड़ा आदमी था और आप लोग देखना एक दिन यह टीपू भी बड़ा होकर बहुत बड़ा आदमी बनेगा। दर्शन सिंह कहते हैं कि देखिए हमारी बात सच साबित हुई। टीपू आज सीएम हैं। दर्शन सिंह कहते हैं कि मुलायम सिंह की एक बड़ी खासियत है कि वे अपने लोगों को हमेशा याद रखते हैं। अपनों को कभी भूलते नहीं।
