उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के कैराना तहसील के गांव शिवनगर को अब इसी नाम से जाना जाता है। हालांकि, यहां के अधिकारी इस नाम का गांव होने से इंकार कर रहे हैं। बता दें की लोगों ने तो इस गांव के बाहर स्नैपडील डॉट कॉम नाम का बोर्ड भी लगा दिया है जिससे कि आगे से इस गांव को इसी नाम से जाना जाए।
क्यों रखा गांव वालों ने इस गांव का नाम 'स्नैपडील'
गांव वाले इस गांव का नाम बदलने का कारण पानी की समस्या बताते हैं। गांव वालों का कहना है कि पिछले कई सालों से इस गांव के लोगों को साफ पीने का पानी नहीं मिल पा रहा था और कोई सुविधा नहीं मिल पाने के कारण पीने का पानी काफी दूर से लाना पड़ता था।
स्नैपडील के सीईओ कुणाल बहल का कहना है कि गांव में साफ पानी की समस्या को देखते हुए कंपनी ने लगभग तीन लाख पच्चीस हजार रुपये खर्च कर पंद्रह हैंडपंप लगवाए। इन हैंडपंपों पर कंपनी का नाम भी लिखा हुआ है। कंपनी अपनी प्रॉफिट का कुछ हिस्सा हर साल सामाजिक कार्यों में लगाती है। इसलिए गांव वालों ने कंपनी का आभार व्यक्त करते हुए इस गांव का नाम स्नैपडील रख दिया।
