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उन्हें लाशों पर राजनीति के बजाए पॉजिटव रास्ता अपनाना चाहिए

     हैदराबाद।। राहुल गांधी शनिवार को दलित स्टूडेंट रोहित वेमुला के कथित सुसाइड मामले में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। आज ही रोहित का बर्थडे भी है। कांग्रेस वाइस प्रेसिडेंट के इस कदम पर बीजेपी स्पोक्सपर्सन संबित पात्रा ने कहा, “उन्हें लाशों पर राजनीति के बजाए पॉजिटव रास्ता अपनाना चाहिए।”
दूसरी बार हैदराबाद पहुंचे राहुल...
- राहुल को सुबह 6 बजे भूख हड़ताल पर बैठना था। उनका साथ देने वाले स्टूडेंट्स यहां वक्त पर पहुंच गए, लेकिन राहुल 9:15 पर यहां पहुंचे।
- राहुल रोहित की मौत के तीसरे दिन भी यहां पहुंचे थे। कुछ दूसरी पॉलिटिकल पार्टी के समर्थक पहुंचे हैं।
- खास बात यह है कि यह विरोध प्रदर्शन भी राजनीति का शिकार हो गया है। हर पार्टी के लोग अलग-अलग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
बीजेपी ने क्या कहा?
- पार्टी स्पोक्सपर्सन संबित पात्रा ने कहा- यह दलित और नॉन दलित का मुद्दा नहीं है। इसका पॉलिटिकल फायदा उठाने की कोशिश की जा रही है।
- पार्टी के एक और स्पोक्सपर्सन नलिन कोहली ने कहा- वहां शांति हो गई थी। राहुल का पहुंचने के कुछ और मायने हैं। राहुल माल्दा जैसी जगहों पर क्यों नहीं जाते?
इन्टरिम वीसी भी बदले गए
- शुक्रवार को राहुल के हैदराबाद यूनिवर्सिटी पहुंचने के पहले यहां के इन्टरिम वाइस चांसलर डॉ. विपिन श्रीवास्तव छुट्टी पर चले गए।
- सूत्रों के मुताबिक, अब वीसी की जिम्मेदारी केमिस्ट्री डिपार्टमेंट के प्रोफेसर एम. पेरियास्वामी संभालेंगे।
- यूनिवर्सिटी के सबसे सीनियर प्रोफेसर श्रीवास्तव चांसलर पी. अप्पा राव के जाने के बाद से इन्टरिम वाइस चांसलर के तौर पर काम कर रहे थे।
राहुल के आने पर ABVP नेताओं ने क्या किया....
- शुक्रवार को ABVP नेताओं ने राहुल गांधी के यूनिवर्सिटी आने का जमकर विरोध किया।
- प्रोटेस्ट कर रहे कार्यकर्ताओं को अरेस्ट कर लिया गया।
- ABVP नेताओं ने आरोप लगाया कि इस मामले का राजनीतिकरण हो रहा है।
- इसके पहले चेन्नई में भी दलित स्टूडेंट ने सुसाइड किया था तब क्यों राहुल गांधी नहीं पहुंचे थे।
- राहुल से पहले अरविंद केजरीवाल, ओवैसी जैसे कई नेता यहां विजिट कर चुके हैं। केंद्र सरकार की ओर से भी कई मंत्री यहां आ चुके हैं।
क्या है रोहित वेमुला सुसाइड मामला?
- आंध्र प्रदेश के गुंटूर का रहने वाला दलित स्टूडेंट रोहित सोशियोलॉजी में डॉक्टरेट कर रहा था।
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, रोहित और आंबेडकर यूनियन के पांच दलित स्टूडेंट्स पर एबीवीपी के एक एक्टिविस्ट पर अगस्त में हमला करने का आरोप लगा था।
- यूनिवर्सिटी ने शुरुआती जांच में पांचों को छोड़ दिया था। पर 21 दिसंबर को उनके हॉस्टल में जाने पर बैन लगा दिया गया।
- यूनिवर्सिटी के विरोध और आंबेडकर स्टूडेंट यूनियन के सपोर्ट में 10 ऑर्गनाइजेशंस ने भूख हड़ताल कर सस्पेंशन वापस लेने की मांग की थी।
- इसके बाद 17 जनवरी को रोहित ने फांसी लगा ली।