मुस्लिम संगठनों का कहना है कि इस गाने में नमाज, रोजा, कलमा और दाढ़ी और टोपी का मजाक बनाया गया है और आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया गया है, यही नहीं रोजा में मुस्लिम सेक्स से दूर रहते हैं उसके बावजूद भी इस गाने में रोजा के वक्त पलंग पर दिखाया गया है। मुस्लिम अपनी फ़रियाद लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास पहुँच गए हैं और उनसे इस गाने पर बैन लगाने की मांग की है।
बता दें कि पूर्वांचल में यह गाना ऑटो रिक्शा और डीजे पर खुलेआम बज रहा है, इस गाने में अंग्रेजी और हिपहॉप की भी मिक्सिंग की गयी है और सुनने में बहुत आकर्षक लगता है लेकिन मुस्लिम समाज को गाने में नमाज शब्द जोड़ने से आपत्ति है। इस गाने को मशहूर भोजपुरी गायक सुभाष राजा ने गाया है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के डीजीपी से इस मामले पर चर्चा की है। डीजीपी ने बस्ती के पुलिस अधीक्षक से इस मामले में तुरंत कार्यवाही करने के आदेश दे दिए हैं और दो दिन में रिपोर्ट देने को कहा है।
