अजमेर।। अजमेर विद्युत वितरण निगम लि. के प्रबंध निदेशक श्री हेमन्त कुमार गेरा ने एक आदेश जारी कर श्री एम. एस. वर्मा कार्यवाहक सहायक अभियंता को निगम सेवाओं से तत्काल बर्खास्त कर दिया हैं।
श्री एम. एस. वर्मा कनिष्ठ अभियंता जो सरवाड़ में सहायक अभियंता के पद के विरूद्ध कार्यरत थे, को भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने 30 सितम्बर, 2011 को ट्रेप किया था। इस कारण उन्हें निगम मुख्यायलय द्वारा निलम्बित कर अधीक्षण अभियंता (पवस) चित्तौड़गढ़ मुख्यालय कर दिया गया था।
श्री एम. एस. वर्मा पुत्रा नानक सिंह कनिष्ठ अभियंता कार्यवाहक सहायक अभियंता के विरूद्ध अपराध सिद्धी होने से न्यायाधीश डेजिंग्नेटेड कोर्ट फोर राजस्थान द्वारा 19 जनवरी, 2016 को दण्डाआदेश पारित किया गया जिसमें उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत तीन वर्ष का साधारण कारावास व 10 हजार रूपए जुर्माने की सजा सुनाई। इस राशि की अदायगी न करने पर उन्हें 3 माह का साधारण कारावास अतिरिक्त भुगतना होगा।
इस मामलें में हुए निर्णय के मद्देनजर निगम के प्रबंध निदेशक ने श्री एम. एस. वर्मा को निगम सेवाओं से तत्काल बर्खास्त कर दिया हैं।
श्री एम. एस. वर्मा कनिष्ठ अभियंता जो सरवाड़ में सहायक अभियंता के पद के विरूद्ध कार्यरत थे, को भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने 30 सितम्बर, 2011 को ट्रेप किया था। इस कारण उन्हें निगम मुख्यायलय द्वारा निलम्बित कर अधीक्षण अभियंता (पवस) चित्तौड़गढ़ मुख्यालय कर दिया गया था।
श्री एम. एस. वर्मा पुत्रा नानक सिंह कनिष्ठ अभियंता कार्यवाहक सहायक अभियंता के विरूद्ध अपराध सिद्धी होने से न्यायाधीश डेजिंग्नेटेड कोर्ट फोर राजस्थान द्वारा 19 जनवरी, 2016 को दण्डाआदेश पारित किया गया जिसमें उन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत तीन वर्ष का साधारण कारावास व 10 हजार रूपए जुर्माने की सजा सुनाई। इस राशि की अदायगी न करने पर उन्हें 3 माह का साधारण कारावास अतिरिक्त भुगतना होगा।
इस मामलें में हुए निर्णय के मद्देनजर निगम के प्रबंध निदेशक ने श्री एम. एस. वर्मा को निगम सेवाओं से तत्काल बर्खास्त कर दिया हैं।
