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जब आशा बहुओं ने गमलो को तोड़कर सीएम के काफिला पर बरसा दिया ...

सुरक्षा में सेंधमारी : सीएम के कार्यक्रम में फुट पड़ा आशा बहुओं का गुस्सा
    कौशांबी।। उत्तर प्रदेस के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शनिवार को कई कार्यकारणी योजनाओ का लोकार्पण/शिलान्यास करने कौशांबी जनपद आए। इस दौरान उन्होंने ओसा मंडी में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। सम्बोधन समाप्त होने के बाद जैसे ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने काफिले के साथ मंझनपुर-मूरतगंज फोरलेन का लोकार्पण करने के लिए आगे बढे वैसे ही सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए सैकड़ो आशा बहुएं सीएम के लालबत्ती कार को अपने घेरे में ले लिया। 
     सीएम अखिलेश यादव के काफिला को अपने घेरे में लेते हुए आक्रोशित आशा बहुओं ने उन गमलो को तोड़कर सीएम के काफिला पर बरसा दिया जो मंच में चार चाँद लगाने के लिए रखा गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री के विरोध में जमकर नारेबाजी भी की गयी। मौके की नजाकत को देखते हुए अफसरों के हांथ पाव फूल गए। सीएम के विशेष सुरक्षा कर्मियों के साथ अफसरों ने आशा बहुएं के साथ धक्का मुक्की करते हुए कड़ी मस्क्कद के बाद आगे का रास्ता साफ़ कर पाये। जो यह नजारा खुद मुख्यमंत्री अपनी आँखों से कार में बैठे देख रहे थे। आशा बहुओं की मांग थी की उन्हें भी नियमित किया जाए।
     आशा बहुओं द्वारा मंच स्थल के पास सुरक्षा व्यवस्था को तोड़कर काफिले को घेरे में लेने के बाद सीएम की सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रयाप्त महिला पुलिस कर्मी के बाद भी आशा बहुएं द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को तोडना खुद में एक बड़ा सवाल बन कर रह गया है। मजे की बात तो यह है की जिस वक्त बड़ी संख्या में आशा बहुओं के घेरे को अफसरों द्वारा बल पूर्वक धक्का मुक्की के साथ तोडा गया उस समय एक भी महिला सुरक्षा कर्मी मौके पर नही मौजूद रही।
    सूत्रो की माने तो सीएम के कार्यक्रम में आशा बहुओं को जोर देने का यह काम एक विरोधी दल के कद्दावर नेता द्वारा किया गया है। जो बड़ी ही आसानी से अखिलेश के ही मंच पर जनसभा को बदरंग करने की साजिस में पूरी तरह से सफल रहा। और जिस बात की भनक सरकार की ख़ुफ़िया एजेंसी को भी नही लगी।