
गंगा बैराज के डेंजर प्वाइंट पर खड़े होकर सेल्फी लेने का क्रेज सात युवकों की मौत का सबब बन गया. डेंजर प्वाइंट पर सेल्फी लेने के प्रयास में नौ दोस्त पानी में जा गिरे और डूबने लगे.
उन्हें बचाने एक अन्य युवक भी पानी में कूद गया था. वहां मौजूद नाविकों ने तीन युवकों को तो बचा लिया लेकिन सात पानी में समा गये. सूचना पर कोहना पुलिस ने गोताखोरों की मदद से करीब दो घंटे बाद युवकों के शव पानी से बाहर निकलवाये. परिजनों ने मौके पर एम्बुलेंस न आने पर हंगामा भी किया. तीन युवकों के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और शव लेकर घर चले गये. मृतकों में दो सगे भाई हैं. इस मामले में राज्य सरकार के कानपुर प्रभारी एवं जेल मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने डीएम को जांच कराने का आदेश दिया और कहा कि वह भविष्य में ऐसी घटनाएं न होने देने के स्थायी हल निकालें.
गंगा बैराज पर बुधवार सुबह करीब 11 बजे बाइकों से नौ युवक घूमने पहुंचे. युवकों ने अपनी बाइकें बैराज किनारे रेत पर खड़ी कर दीं और पैदल ही नदी किनारे घूमने लगे. इस दौरान सभी लोग बैराज के डेंजर प्वाइंट पर पहुंच गये, जहां पत्थरों पर काई जमने से फिसलन होने के कारण उसे डेंजर प्वाइंट घोषित कर दिया गया है. डेंजर प्वाइंट पर पहुंचकर एक युवक दोस्तों संग मोबाइल से सेल्फी लेने लगा. सेल्फी लेने के दौरान ही युवक का पैर फिसल गया और वह गंगा में जा गिरा. डेंजर प्वाइंट के पास नदी की गहराई अधिक होने और तैरना न जानने के कारण वह डूबने लगा. यह देख अन्य युवक उसकी मदद को आगे बढ़े लेकिन वह भी फिसलकर नदी में जा गिरे और डूबने लगे. डूब रहे युवकों ने शोर मचाया तो पास ही रेत में बैठा एक अन्य युवक भी उन्हें बचाने पानी में कूद पड़ा. शोर सुनकर वहां मौजूद नाविकों का ध्यान युवकों की तरफ गया. नाविकों ने जब इतने सारे युवकों को डूबते देखा तो उनके होश उड़ गये. आनन-फानन नाविक पानी में कूदे. नाविकों ने तीन युवकों को बाहर निकाल लिया लेकिन बाकी सात युवक पानी में समा गये.
नाविकों द्वारा बचाये गये युवकों ने बताया कि वह लोग विनोवा नगर जूही में रहने वाले अजरुन, पंकज और श्रीराम हैं. सुबह मौसम सुहाना होने के कारण वह अपने दोस्तों विनोवा नगर जूही निवासी सत्यम (22), उसके भाई शिवम (20), रोहित सोनी (22), सचिन गुप्ता (20), संदीप गुप्ता (22) और गोलू तिवारी (25) के साथ गंगा बैराज घूमने आये थे. वहां वह लोग पत्थर पर बैठकर मनोरंजन कर रहे थे, तभी सत्यम ने सेल्फी बनाने की बात कही. इस पर सभी लोग खड़े होकर मोबाइल पर सेल्फी खिंचाने लगे, तभी अचानक सत्यम का पैर फिसल गया और वह गंगा में जा गिरा. उसे बचाने में बाकी सभी दोस्त भी पानी में गिर पड़े. उनकी चीख सुनकर एक और युवक पानी में कूदा था लेकिन वह लोग उसे नहीं जानते हैं. सात युवकों के गंगा में डूबने की सूचना पर कोहना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने जलपुलिस गोताखोर मोतीलाल और उसकी टीम के अलावा शुक्लागंज से भी गोताखोरों की 12 सदस्यीय टीम मौके पर बुला ली. गोताखोरों ने पानी में डूबे युवकों की तलाश शुरू की. दोपहर करीब ढाई बजे गोताखोर के हाथ एक युवक लगा, जिसे बाहर निकाला गया. इसके बाद एक-एक करके गोताखोरों ने सातों युवकों को बाहर निकाल लिया. पुलिस सभी को लेकर हैलट पहुंची, जहां डॉक्टरों ने सातों को मृत घोषित कर दिया.
युवकों को बचाने पानी में कूदे युवक की शिनाख्त गम्मू खां का हाता निवासी मकसूद अहमद (25) के रूप में हुई. मकसूद अहमद एमएससी का छात्र था और रेडीमेड का काम भी करता था. घटना की जानकारी मिलने पर मृतकों के परिजन भी गंगा बैराज पहुंच गये थे, जहां उन्होंने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया था. पुलिस ने उनको समझा-बुझाकर शांत कराया. इसके बाद परिजन हैलट पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने सातों को मृत घोषित किया तो वहां कोहराम मच गया. परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने मौके पर एम्बुलेंस बुलाने में देर कर दी, अगर समय से बच्चों को उपचार मिल जाता तो उन्हें बचाया जा सकता था. पुलिस के शांत कराने पर परिजनों ने युवकों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया. पुलिस के काफी समझाने के बाद सत्यम, शिवम, संदीप और रोहित के परिजन पोस्टमार्टम कराने को राजी हो गये, जबकि मकसूद, गोलू और सचिन के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया. पुलिस ने पंचनामा भरकर तीनों के शव परिजनों के सुपुर्द कर दिये और बाकी चार शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे.
