देश भर में संकल्प के सिर्फ 14 सेंटर हैं। जाहिर है एक ही इंस्टिट्यूट से 646 कैंडिडेट का कामयाब होना संदेह पैदा करता है। दीनानाथ बत्रा इस कोचिंग सेंटर के एडवायजरी बोर्ड में हैं, और जगमोहन मेंटोर की लिस्ट में हैं। श्री बत्रा पाठ्यपुस्तकों के भगवाकरण के अग्रणी नेता हैं, जबकि जगमोहन और आरएसएस के रिश्ते जगजाहिर हैं। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वहां क्या सिखाया जा रहा है। इस कोचिंग की वेबसाइट पर स्पष्ट तरीके से दर्ज है कि यहां किस विचारधारा के लोग तैयार किए जाते हैं।
इससे यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या देश के ज्यादातर आईएएस संघ की विचारधारा प्रसारित करने के लिए तैयार किए जा रहा हैं। अगर इस संस्थान का 646 प्रतियोगियों की सफलता का दावा सटीक है तो यह भारी स्कैम की ओर इशारा करता है क्योंकि देश में अनेकों कोचिंग संस्थान हैं और प्रतिभाओं की भी कमी नहीं है। देश के लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में भाग लेते हैं।संकल्प संस्था सिविल सर्विस के इंटरव्यू के लोगों कैंडिडेट्स को तैयारी कराती है। इस बात का अंदेशा है कि संकल्प आरएसएस की विचारधारा के अनुसार तैयारी कराता है और चूंकि यूपीएससी में आरएसएस के समर्थक ही सदस्य बनकर आ रहे हैं, इसलिए ऐसे कैंडिडेट्स को तरजीह मिल रही है। हाल ही में, दिल्ली पुलिस के पूर्व कमिश्नर भीम सिंह बस्सी यूपीएससी के सदस्य बनाए गए हैं। बस्सी जेएनयू में छात्रों के दमन के लिए बदनाम रहे हैं।
इस सबके बावजूद संस्था की ओर से 'गुरु सम्मान समारोह-2016' कार्यक्रम कराया जा रहा है। इस कार्यक्रम में नए आईएएस अभ्यर्थियों को आरएसएस के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल संबोधित करेंगे। आपको बता दें कि इस बार सफलता पाने वाले प्रतियोगियों में सामान्य श्रेणी से 499, ओबीसी कोटे से 314, अनुसूचित जाति कोटे से 176 और अनुसूचित जनजाति कोटे से 89 लोग शामिल हैं।
