सिरसा से हिसार आ रही हरियाणा रोडवेज की बस नंबर एचआर 57-5855 का चालक उस समय हैरान हो गया जब बडोपल गांव के पास एक पेड़ के नीचे खड़े देश के सबसे युवा सांसद दुष्यंत चौटाला ने बस रोकने का इशारा किया। इशारा मिलते ही चालक ने बस रोकी और बस से नीचे उतरने लगा, इतने में ही सांसद दुष्यंत ने कहा कि आप बस चलाओ मुझे आपके साथ बस में ही चलना है। इसके बाद सांसद दुष्यंत बस में सवार हो गए और मिलने लगे यात्रियों से। बस में उस समय करीब 40 से अधिक सवारियां सफर कर रही थी। दुष्यंत सभी यात्रियों से मिले और उनका रोडवेज की बस में सफर का अनुभव पूछा। दुष्यंत ने परिचालक जोगेंद्र से पूछा कि बस में फस्ट एड बॉक्स एवं एमरजैंसी किट है क्या? परिचालक ने तुरंत दोनों चीजें सांसद को दिखाई और सांसद ने कहा वैरी गुड। बस में ही सांसद ने पीने के पानी के बारे में पूछा तो परिचालक ने तुरंत बस में रखे कैंपर से सांसद को पानी दिया। सांसद ने पानी पीने के बाद परिचालक से बसों में सुरक्षा संबंधी बातचीत शुरू की। उन्होंने पिछले दिनों बसों में हुए धमाकों को लेकर यात्रियों में उपजी असुरक्षा की भावना के बारे में जाना और रोडवेज द्वारा सुरक्षा संबंधी उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने रोडवेज कर्मियों को आ रही दिक्कतों के बारे में विस्तार से पूछा।
सांसद दुष्यंत ने बताया कि हरियाणा रोडवेज प्रदेश के लोगों की जीवन रेखा है। प्रदेश में पिछले कुछ दिनों बसों में हुए बम धमाकों से यात्रियों में असुरक्षा की भावना है। प्रदेश के किसी मंत्री, सांसद, विधायक या अधिकारी ने इतनी हिम्मत नहीं दिखाई कि वो बसों में सफर कर लोगों के मन में बैठे भय को निकाल सकें। आज ही मुझे मेरे आवास पर मिलने दर्जनों लोगों ने बताया कि वो गांव से किराए पर गाड़ी करके आए हैं क्योंकि बसों में तो अब विस्फोट होने लगे हैं और बस में सफर से डर लगने लगा है। सांसद ने बताया कि उन ग्रामीणों की पीड़ा जान कर बस में ही सफर करने का फैसला किया। चालक रामनिवास ने बताया कि बसों में विधायक एवं सांसद के लिए सीट तो रिजर्व होती है परन्तु 23 साल की नौकरी में आज पहली बार किसी सांसद को हरियाणा रोडवेज की बस में सफर करते हुए देखा है। करीब 50 मिनट के सफर के बाद सांसद ने हिसार बाईपास पर बस रूकवाई और चालक परिचालक को कहा-सुहाने सफर के लिए थैंक्स। बस में सफर के दौरान लोगों ने युवा सांसद के साथ सेल्फी खिंचवाई और कइयों ने इनेलो सांसद से ऑटोग्राफ भी लिए। दोस्तों एक लाइक तो बनता ही है इस युवा सांसद के लिए जिसने कम से कम आम आदमी की तकलीफ को जानने और समझने का प्रयास तो किया।
