भोपाल।। प्रदूषण से अपने चेहरे को बचाने के लिए लड़कियां अक्सर दुपट्टे से
अपना चेहरा छुपा लेतीं हैं परंतु टीकमगढ़ में ABVP के कार्यकर्ताओं ने
दुर्गा वाहिनी की महिला कार्यकर्ताओं को साथ लेकर दुपट्टों के खिलाफ अभियान
छेड़ दिया। एक्सीलेंस कॉलेज में उन्होंने कई लड़कियों के दुपट्टे उतरवाए।
इसके बाद यह विवाद गहरा गया। युवक कांग्रेस ने इसे तालिबानी हरकत करार दिया
है।
टीकमगढ़ शहर के एक्सीलेंस कॉलेज में बुधवार 20 जुलाई 2016 को एबीवीपी
और दुर्गा वाहिनी कार्यकर्ता पहुंचे। उन्होंने कॉलेज परिसर में छात्राओं
के दुपट्टे से चेहरा ढंकने का विरोध किया। कॉलेज प्रबंधन से चर्चा की। इसके
बाद छात्राओं के चेहरों से दुपट्टे निकलवा दिए गए। इस दौरान कॉलेज की कुछ
छात्राओं ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि धूल और धूप से बचने के लिए चेहरा
ढंककर रखती हैं लेकिन कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएम अवस्थी सहित किसी प्रोफेसर
ने उनकी कार्रवाई का विरोध नहीं किया।
एबीवीपी के जिला संयोजक प्रशांत शुक्ला ने बताया कि घर से कॉलेज तक चेहरा ढंककर आना ठीक है, लेकिन कॉलेज परिसर के भीतर चेहरा ढंकना गलत है। दुर्गा वाहिनी की प्रियंका ने लड़कियों को समझाइश देकर कहा कि छात्राओं को किसी से डरने की जरूरत नहीं है। अगर उन्हें छेड़छाड़ का डर है तो पुलिस की मदद लें। शिक्षण संस्थानों के भीतर चेहरा ढंककर रखने की जरूरत नहीं है।
युवक कांग्रेस ने इस मामले की कड़ी निंदा करते हुए दोनों संगठनों पर बैन लगाने की मांग की है। युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुणाल चौधरी ने इसे तालिबानी मानसिकता करार देते हुए संगठन पर बैन लगाने की मांग की है। चौधरी ने कहा कि, ऐसे संगठन स्वयंभू सरकार की तरह काम कर रहे हैं। किसी की आजादी का हनन करने की अनुमति भारत का कानून नहीं देता।
एबीवीपी के जिला संयोजक प्रशांत शुक्ला ने बताया कि घर से कॉलेज तक चेहरा ढंककर आना ठीक है, लेकिन कॉलेज परिसर के भीतर चेहरा ढंकना गलत है। दुर्गा वाहिनी की प्रियंका ने लड़कियों को समझाइश देकर कहा कि छात्राओं को किसी से डरने की जरूरत नहीं है। अगर उन्हें छेड़छाड़ का डर है तो पुलिस की मदद लें। शिक्षण संस्थानों के भीतर चेहरा ढंककर रखने की जरूरत नहीं है।
युवक कांग्रेस ने इस मामले की कड़ी निंदा करते हुए दोनों संगठनों पर बैन लगाने की मांग की है। युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुणाल चौधरी ने इसे तालिबानी मानसिकता करार देते हुए संगठन पर बैन लगाने की मांग की है। चौधरी ने कहा कि, ऐसे संगठन स्वयंभू सरकार की तरह काम कर रहे हैं। किसी की आजादी का हनन करने की अनुमति भारत का कानून नहीं देता।

