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तेल के खेल में कई गए जेल, नही थमा काला कारोबार

    यूपी-चंदौली जिले का अलीनगर थानाक्षेत्र तेल के काले कारोबार के लिए चर्चित है। यहाँ के कई टैंकर चालक इसी काले कारोबार से अरबपति बनगए तो कई नए चहरे इसी जुगत में लगे हुए है। इस थानाक्षेत्र में कुल दो दर्जन से ज्यादा छोटे बड़े अवैध गोदाम स्थापित है। इन काले कारोबारियों पर पुलिस की कृपा दृष्टि है इस बात से इंकार भी नही किया जा सकता।
      बतादे कि चार वर्ष पूर्व इस इलाके में सीबीआई की रेड पड़ी थी जिसमे पूर्वांचल में सबसे बडे काला कारोबारी इसी थाना क्षेत्र से पकडे गये और उनका गोदाम भी सील कर दिया गया। इन सब के बीच सील बंद गोदाम से टैंकर गायब होने की खबर जब प्रकाश में आई तो महकमा फिर हरकत में आया और तत्कालीन कोतवाल आरके राम को सस्पेंड करके अपनी गर्दन बचाई क्योंकि मामला सीबीआई से जुड़ा था। तेल के काला कारोबारी जमानत पर छूटने के बाद फिर से इसी धंधे में लिप्त हो गए तो एक कारोबारी का पुत्र कानपुर में डिपो की पाइपलाइन से तेल चुराते रंगेहाथ पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उक्त थानाक्षेत्र में पड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर दर्जनों अवैध गोदाम समेत इलाके के घनी आबादी के बीच भी काला कारोबारी अपना धंधा चमका रहे है और जब आग लगती है तब कोई जान पाता है की उक्त स्थान पर अवैध गोदाम भी चल रहा है। 
    बतादे कि एक बड़ा गोरखधंधा पकडे जाने के बाद टैंकरों में जीपीएस लगाया गया था ताकि टैंकरों की वास्तविक लोकेशन को ट्रेस किया जा सके लेकिन कालाबाजारियों ने उस रुट में पड़ने वाले स्थानों पर ही अवैध गोदाम बना डाला। तस्वीरों में दिख रहा टैंकर जिसका ताला खोलकर तेल चोरी की जा रही है यह अलीनगर क्षेत्र का ही है जहा काला कारोबारी चोरी किये गए तेल का अवैध भंडारण कर रहे हैं। विभागीय सूत्रो के अनुसार हर टैंकर की 2 चाभियां होती है जिनमे से एक टर्मिनल व् दूसरा पम्प मालिक के पास होती है। इनसब के बीच सवाल यह उठता है कि टैंकर की तीसरी चाभी कौन मुहैया कराता है? कही इसके तार टर्मिनल के अशिकारियो से तो नही जुड़े ? कही कालाकारोबारियो के खेल में सफेदपोश भी तो शामिल नही ? इन सब की शिकायत अधिकारियो से करने पर बस एक ही जवाब मिलता है कि मामला संज्ञान में आया है हम कार्यवाई कर रहे है। लेकिन यथार्त के धरातल पर कोई ठोस कार्यवाई अवतरित नही हो पाती।