इससे पहले उच्चतम न्यायालय ने आज दही हांडी से संबंधित एक याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार किया था. इस याचिका में शीर्ष अदालत द्वारा तय की गयी मानव पिरामिड की 20 फुट ऊंचाई में ढील देने का अनुरोध किया गया था. महाराष्ट्र में जन्माष्टमी के दिन दही हांडी उत्सव के दौरान मानव पिरामिड बनाए जाते हैं.
न्यायमूर्ति ए आर दवे, यू यू ललित और एल नागेवश्वर राव की पीठ ने इस याचिका
पर सुनवाई की. कल देश भर में जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है.
गौरतलब है कि शिवसेना ने कोर्ट के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए यह कहा था
कि कोर्ट हमारे धार्मिक मामलों में दखल ना दे तो बेहतर होगा.
