महिलाओ ने मोदी सरकार के निर्णय का किया स्वागत कांग्रेस जेडीयू और सपा ने मोदी सरकार के खिलाफ ठोकी ताल
नई दिल्ली।। देशभर में ट्रिप्पल तलाक और चार शादियों को लेकर मुश्लिम धर्म गुरुओ और मुश्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सरकार के खिलाफ ताल ठोक दी है। सरकार के ट्रिप्पल तलाक मामले में लॉ कमिशन की राय शुमारी और सुझाव का जमकर विरोध किया है। जब सरकार का कहना है कि देश में हर महिला का एक अधिकार होना चाहिए। गौरतलब है कि ट्रिप्पल तलाक को खत्म करने वाली याचिका सुप्रीमकोर्ट में विचारधीन है। जिस पर सरकार ने हलफनामा देकर ट्रिप्पल तलाक को खत्म करने की राय कोर्ट के सामने रखी है। जब से मुश्लिम नेता मोदी सरकार के रुख से तिलमिलाए हुए है। इसके चलते मुश्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड खुलकर सरकर के खिलाफ मैदान में दो -दो हाथ करने के मुंड में आ गया है। जबकि मुश्लिम महिलाओ ने मोदी सरकार के निर्णय का जोरदार स्वागत किया है माना जा रहा है यह कदम मुश्लिम समाज के लिए एक क्रांतिकारी कदम होगा। अच्छा होगा इस मामले को वोट के चश्मे से न देखा जाए।
उधर कांग्रेस और जेडीयू ने भी इसका विरोध किया है पार्टी का मानना है कि कॉमन सिविल कॉड को लागू करना असंभव है। इस विवाद में एएम्आईएम् चीफ असउद्दीन ओवैसी भी कूद पड़े है। ओबेशी ने भी इसका विरोध किया है। उधर भजपा सांसद साक्षी महाराज ने मुश्लिम नेताओ को तीखा जवाब दिया है कि देश कानून से चलेगा, फतवे से नहीं। जो लोग फतवे के आधार पर देश चालाना चाहते है वह पाकिस्तान चले जाएं।जब केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहाकि लॉ बोर्ड के आरोपो को ख़ारिज कर दिया है। सपा प्रमुख मुलायम सिंह भी विरोध में उतरे।
गुरुवार को सरकार के रुख से तिलमिलाय मुश्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने नेताओ ने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोल दिया। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (सामान नागरिक संहिता) लागू करना चाहती है। लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना मुहमद वली रहमानी ने प्रेस वार्ता में मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार हमारे समुदाय के खिलाफ युद्ध छेड़ना चाहती है इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। मोदी जी से सरहद तो सभंल नहीं रही है और मुल्क में अशांति फैलाना चाहते है।
