वन्दे मातरम् गाने से धर्म भ्रष्ट हो जाता है ... क्योकि वंदेमातरम् गाने से कमाई नही होती .. लेकिन जब सवाल कमाई का हो तो धर्म गया तेल लेने ....जिस पतंग को इस्लाम में हराम माना गया है उसी पतंग को मुस्लिम कारीगर ही बनाते है, जिस गुलाल अबीर लगने पर यूपी में कई जगह मुस्लिम दंगे करने लगते है वो अबीर गुलाल भी मुस्लिम ही बनाते है ..
और तो और .. ये अहमदाबाद के कागड़ापीठ एरिया का फोटो है ... किसी भी बहीखाते चौपडा के कारखाने में चले जाइए .. कारखाने का मालिक भी मुस्लिम और कारीगर भी मुस्लिम .. और सब के सब दीपावली के लिए नये बहीखाते और चोपड़ा बना रहे है ... उपर अपने हाथो से लक्ष्मी गणेशजी का फोटो भी लगा रहे है ...
एक कारखाने वाले से सवाल किया ... वंदेमातरम् गाने से आपका धर्म नष्ट हो जाता है तो फिर इससे ??
जबाब -- साहब पापी पेट का भी तो सवाल है ... ये दोगले मुल्ले मौलवी तो खुद ऐश करते है और हम जैसे गरीब मुसलमानों के लिए तो रोज कुंवा खोदना और रोज पानी पीना है ..
(Jitendra Pratap Singh)
