केरल के स्कूलों में बच्चों का "इस्लामिक ब्रेनवॉश" किया जा रहा है... इन भद्दे सवालों की सूची देकर उन्हें क्रम से जमाने के लिए कहा गया है... प्रश्नों को ध्यान से पढ़िए... केरल में इस्लाम का "टारगेट" ईसाई हैं... पिछले तीन वर्ष में दर्जनों ईसाई लड़कियाँ, मुल्लों के जाल में फँस चुकी हैं... जिसे लेकर चर्च ने Advisory भी जारी की थी. लेकिन इसमें हिंदुओं के खुश होने वाली कोई बात नहीं है, क्योंकि उसी अनुपात में हिन्दू लड़कियाँ भी गायब हैं... केरल के इस्लामीकरण की प्रक्रिया पिछले दस वर्ष में और तेज हुई है... लेकिन संघ-भाजपा के आरोपों को "साम्प्रदायिक" कहकर खारिज कर दिया जाता है...
पिछले साठ वर्ष से वहाँ केवल काँग्रेस और वामपंथ का ही शासन रहा है... और ये दोनों ही पार्टियाँ, एकदम सेकुलर-प्रगतिशील किस्म की हैं... दोनों बारी-बारी से मुस्लिम लीग से गठबंधन करती हैं... और संघ-भाजपा को "असहिष्णु तथा साम्प्रदायिक" कहती हैं.
असम तो किसी तरह बच गया (फिलहाल), लेकिन बंगाल-केरल तो समझो हाथ से निकल गया... वामपंथ लंबे समय तक जहाँ-जहाँ भी सत्ता में रहेगा, वहाँ-वहाँ हिन्दू घटता ही जाएगा, फिर एक समय ऐसा आएगा जब वामपंथ, इस्लाम से लात खाएगा...
(Suresh Chiplunkar)
