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जाने वास्तु शास्त्र में स्वस्तिक का महत्व

-वास्तु शास्त्र में स्वस्तिक का उपयोग नकारात्मक ऊर्जा समाप्त करने के लिए किया जाता है. लेकिन एक बात हमें ये जान लेनी चाहिए के स्वस्तिक एक शक्ति यन्त्र की तरह काम करता है.
-इसका उपयोग हर घर में हर स्थान पर नही करना चाहिए व इसका उपयोग करते समय किसी विद्वान की मदद लेनी चाहिए। इसका कारण यह है शक्ति यन्त्र होने के कारण आप जिस सोच और ऊर्जा से इसको स्थापित करेंगे उसी में बढ़ोतरी हो सकती है. इसलिए इसका उपयोग करते समय अपना मन व भावना अच्छी रखनी चाहिए।
-स्वस्तिक कई तरीके के हो सकते है कॉपर या ब्रास का स्वस्तिक दक्षिण या पश्चिम दिशा में लगता है.
-चांदी का स्वस्तिक पूर्व व उत्तर दिशा में लगता है. 
-कागज़ या प्लास्टिक का स्वस्तिक आप कही भी लगा सकते हो.
-टॉयलेट - बाथरूम के पास स्वस्तिक आकृति नही लगानी चाहिए.
-आप घर के बाहर मैन गेट पर स्वस्तिक आकृति बना सकते है
-अपने बैडरूम में स्वस्तिक का उपयोग ना करें.
-घर के मंदिर में छोटा स्वस्तिक रख सकते है.
-घर के कमरों के बाहर स्वस्तिक लगा सकते है.
-काले रंग का स्वस्तिक उपयोग न करे.
-घर में जगह जगह स्वस्तिक न लगाये.

(Rupa anand)