पहले बिना लाइसेंस के ड्राइविंग करने पर 500 रुपये का जुर्माना लगता था लेकिन नए कानून के बाद 5000 रुपये जुर्माना लगेगा। बिना हेलमेट के गाड़ी चलाने पर एक हजार रुपये जुर्माना। पहले ये जुर्माना 100 रुपये था।
अवैध लाइसेंस के साथ पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये जुर्मान लगेगा। पहले इसके लिए केवल 500 रुपये जुर्माना लगता था। खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाने पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगेगा। पहले इसके लिए एक हजार रुपये जुर्माना था।
शराब पीकर गाड़ी चलाने के लिए 10 हजार रुपये जुर्माना लगेगा। पहले इसके लिए दो हजार रुपये जुर्माना था। रेस लगाने या तेज गाड़ी चलाने के लिए पांच हजार रुपये का जुर्माना। पहले इसके लिए 500 रुपये जुर्माना लगता था।
अगर आप के मालिकाना हक वाली गाड़ी कोई नाबालिग चला रहा है और उससे घातक दुर्घटना हो जाती है तो आपको तीन साल तक जेल और 25 हजार रुपये तक जुर्माना हो सकती है। साथ ही आपकी गाड़ी का पंजीकरण भी रद्द हो जाएगा।
नए कानून के तहत ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस बनवाना आसान होगा। ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता सीमा बढ़ायी जाएगी। ट्रांसपोर्ट लाइसेंस के लिए न्यूनतम शिक्षा की बाध्यता खत्म की जाएगी। सामान्य जुर्माना अब 500 रुपये होगा। पहले ये केवल 100 रुपये था। 177-ए के तहत कानून तोड़ने पर अब 500 रुपये जुर्माना। पहले इसके तहत 100 रुपये लगता था।
बिना टिकट यात्रा करने पर पांच हजार जुर्माना। पहले ये जुर्माना 200 रुपये था। गाड़ी का लाइसेंस न होने पर पांच हजार रुपये जुर्माना। पहले ये जुर्माना एक हजार रुपये थे। निर्धारित सीमा से तेज गाड़ी चलाने पर हल्की गाडि़यों के लिए एक हजार रुपये, मध्यम आकार की गाड़ियों के लिए दो हजार रुपये। पहले सभी गाडि़यों के लिए केवल 400 रुपये के जुर्माना लगता था।
ओवरलोडिंग के लिए 20 हजार रुपये और दो हजार रुपये प्रति टन जुर्माना। पहले ये जुर्माना दो हजार रुपये और एक हजार रुपये प्रति टन का जुर्माना था। एमरजेंसी वेहिकल को रास्ता न देने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना। पहले ऐसा कोई कानून नहीं था।
बिना इंश्योरेंस के गाड़ी चलाने पर दो हजार रुपये जुर्माना। पहले इसके लिए एक हजार रुपये जुर्माना लगता था। विभिन्न राज्य सरकारें 10 बार तक जुर्माना लगाने का कानून बना सकेंगी।
