बीजेपी को राशन कार्ड बनाने वाले नेता से चुनाव प्रचार करना पड़ा महंगा, अब कहा यह "आप" की है चाल

0
Translate News:
    अपने विधानसभा क्षेत्र की एक महिला से कथित रेप के आरोप में जेल जा चुके दिल्ली के बर्खास्त मंत्री संदीप कुमार अब एमसीडी चुनावों में बीजेपी के लिए प्रचार करते दिखे. संदीप कुमार के बीजेपी के लिए वोट मांगने से बीजेपी नेता असहज हो गए. जहां लोगों ने बीजेपी को संदीप कुमार के बीजेपी में आने के लिए आड़े हाथों लिया और खरी खोटी सुनाई वहीं बीजेपी ने भी आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए साफ कर दिया है कि यह एक सोची समझी चाल हो सकती है. बीजेपी प्रवक्ता नुपूर शर्मा ने एक ट्वीट कर साफ कहा है कि यहसभी जान लें कि संदीप कुमार बीजेपी में शामिल नहीं हुए और न ही पार्टी ने उन्हें आमंत्रण दिया है. नुपूर का कहना है कि यह एक साजिश हो सकती है.
 Related image    दूसरे ट्वीट में नुपूर ने कहा कि संदीप 'राशन कार्ड' कुमार को अभी भी आम आदमी पार्टी ने निष्कासित नहीं किया है. उन्होंने कहा कि संदीप अभी भी आम आदमी पार्टी का विधायक है और पार्टी विधायकों की गिनती में उसे शामिल किया जाता है. नुपूर शर्मा ने इस मामले में एक बार फिर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को घेरा और हमला करते हुए कहा कि रेप का वीडियो वायरल होने के बाद केजरीवाल 15 दिनों तक उसे बचाते रहे.उधर, दिल्ली बीजेपी प्रवक्ता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने इस खबर के आते ही ट्वीट के जरिए मीडिया में साफ कर दिया था कि बीजेपी का संदीप कुमार से कोई लेना देना नहीं है. बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि हमने उसे कभी पार्टी के प्रचार के लिए नहीं बुलाया. वह मीडिया वालों के साथ आया. जैसे ही वह आया बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उसे रैली के स्थान से वापस भेज दिया.
 Image result for sandip kumar with bjp leaders 
      बता दें कि संदीप कुमार की कथित सेक्स सीडी सार्वजनिक होने के बाद आम आदमी पार्टी ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था. संदीप कुमार की कथित सेक्स की सीडी सामने आने के बाद बीजेपी ने इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया था. तब संदीप कुमार दिल्‍ली की सरकार में एससी/एसटी कल्‍याण और महिला एवं बाल कल्‍याण मंत्री थे. मामला तूल पकड़ने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उन्हें पद से हटा दिया था. संदीप कुमार को पिछले साल नंवबर में एक लाख रुपये के निजी मुचलके और उतनी ही रकम की जमानत राशि पर जमानत मिली थी. कोर्ट ने कुमार को निर्देश दिया था कि वह अपना पासपोर्ट जमा करें और गवाहों को प्रभावित नहीं करें. उन्हें तीन सितंबर को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह हिरासत में थे.


Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)
Loading...

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top