160 किमी तक मचा देते हैं तबाही-
मॉडरेट और स्ट्रांग कैटेगरी के 920 भूकंप
एक साल में रेक्टर स्केल पर दर्ज होते हैं। मॉडरेट कैटेगरी के भूकंपों की
तीव्रता रेक्टर स्केल पर 5.0 से 5.9 दर्ज की जाती है। ऐसे 800 भूकंप
दुनियाभर में रेक्टर स्केल पर एक साल में दर्ज होते हैं। इनसे घटिया
बिाुल्डग मैटेरियल से निॢमत भवनों को गंभीर नुकसान पहुंचता है। हालांकि
इनका असर बहुत छोटे इलाके पर ही पड़ता है। स्ट्रांग कैटेगरी के भूकंप जिनकी
तीव्रता रेक्टर स्केल पर 6.0 से 6.9 होती है, भारी तबाही होती है। जबरदस्त
तीव्रता की वजह से भूकंप के केंद्र से लेकर 160 किमी तक आबादी वाले इलाकों
में तबाही फैल जाती है। एक साल ऐसे 120 भूकंप दुनियाभर के रेक्टर स्केल
में दर्ज किए जाते हैं। - कुछ 19 बार तो कुछ साल में एक बार आते हैं -मेजर
और ग्रेट कैटेगरी के भूकंप दुनियाभर के रेक्टर स्केल पर साल में 19 बार
दर्ज किए जाते हैं। मेजर कैटेगरी के भूकंपों की तीव्रता 7.0 से 7.9 होती
है। ऐसे भूकंपों की संख्या साल भर में 18 होती है और इनसे काफी बड़े
क्षेत्रों में गंभीर तबाही होती है। रेक्टर स्केल पर 8.0 से 8.9 तीव्रता
वाले भूकंप ग्रेट कैटेगरी में रखे जाते हैं। ऐसे झटकों से कुछ सौ मील तक
तबाही ही तबाही पसर जाती है। हालांकि ऐसे भूकंप साल में एक बार ही दर्ज किए
जाते हैं। - हजारों मील तक मच जाती है तबाही -रेक्टर स्केल पर 9.0 से 9.9
तीव्रता वाले भूकंप एक्सट्रीम कैटेगरी में आते हैं। इनसे हजारों मील तक
तबाही का मंजर पसर जाता है। ऐसे भूकंप के असर से अलग-अलग महाद्वीप तक
प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि ऐसे भूकंप दुनियाभर में 20 साल में एक बार
ही दर्ज किए जाते हैं।
