शोध के दौरान यह बात सामने आई है कि त्वचा के अंदर पहुंचाया
गया कुछ टॉक्सिन (जहर) हमारी तंत्रिका कोशिकाओं के सहारे केंद्रीय
स्नायुतंत्र तक पहुंच जाता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि अब तक की खोज के
मुताबिक चिकित्सकीय तौर पर अभी तक बोटॉक्स के कोई दुष्प्रभाव सामने नहीं आए
हैं, लेकिन यह पता लगाना जरूरी है कि ये टॉक्सिन किस तरह केंद्रीय
स्नायुतंत्र तक पहुंचते हैं, क्योंकि इस रास्ते का इस्तेमाल अन्य रोगाणुओं
जैसे वेस्ट नील या रेबीज के विषाणुओं द्वारा भी किया जा सकता है।
सुंदर दिखने की चाह आपको कर सकती है लकवाग्रस्त!
1:33 PM
