OMG: सूखाग्रस्त जिले में 178 करोड़ 66 लाख की शराब गटक गए लोग, ज्यादा बिकी देशी शराब

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     बेमेतरा।। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले से एक अलग ही खबर सामने आ रही है. जानकारी के मुताबिक राज्य शासन के द्वारा सूखाग्रस्त घोषित जिले में शराबियों ने डेढ़ अरब रुपयों से भी अधिक की शराब गटक डाली है. यह दावा जी मीडिया नहीं बल्कि आबकारी विभाग की रिपोर्ट कर रही है. आप सोचिए जिस शहर को सूखाग्रस्त घोषित किया गया हो, जिस शहर में पीने के पानी की किल्लत हो, किसानों के पास सिंचाई के लिए पानी न हो उस शहर में सुबह से शाम तक शराब के जाम छलक रहे हैं. आबकारी विभाग दावा कर रहा है कि शराबियों की तादाद लगातार बढ़ रही है और वे विदेशी से ज्यादा देशी शराब को तरजीह दे रहे हैं.
178 करोड़ 66 लाख की शराब गटक गए लोग
     जानकारी के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2017-18 में जिले को आर्थिक रूप से कमजोर व सूखाग्रस्त जिला माना गया था. यहां मनरेगा के तहत मजदूरों को काम तक नहीं मिला. कम बारिश की वजह से फसल भी कम हुई थी. दीपावली-होली में बाजार खाली-खाली सा था. जिले का हर गांव जल संकट से जूझ रहा है. लेकिन, ऐसे हालातों में भी एक ठिकाना हमेशा गुलजार रहा. जी हां, बेमेतरा जिले के मयखानों में कमी व कंगाली का जरा सा भी असर नहीं पड़ा. इस जिले के मयखाने पूरे साल भर गुलजार रहे. और सूखे के बावजूद जिले के शराबियों ने 01 अरब 78 करोड़ 66 लाख 18 हजार 529 रुपये की शराब गटक डाली.
विदेशी से ज्यादा बिकी देशी शराब
      आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में 07 विदेशी और 11 देशी शराब दुकानें हैं. इस साल ध्यान देने वाली खास बात यह रही कि विदेशी शराब के बजाए देशी शराब की बिक्री ज्यादा हुई है. इस वजह से राज्य शासन को लगभग 24.31 प्रतिशत राजस्व की अधिक आय हई है. 2011 की जनसंख्या के मुताबिक इस जिले की कुल आबादी 7 लाख 95 हजार 759 है.
शराब बिक्री की है लिमिट
      आबकारी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में साल 2016-17 में 20 लाख 64 हजार 969 पू्रफ लीटर शराब बेची गई थी, वहीं 2017-18 में 25 लाख 6 हजार 468 पू्रफ लीटर शराब बेची गई है. अब अंत में आपको एक बात और बता दें कि इतनी शराब बिक्री उस दौर में हुई है जब छत्तीसगढ़ में शराब खरीदी सीमित है. जी हां, प्रदेश में एक व्यक्ति दिन भर में कुल 4 बियर अधिकतम और आठ पव्वा (क्वार्टर) या दो बोतल शराब ही खरीद सकता है. आपको यह भी बता दें कि रमन सरकार ने हाल ही में अपनी आबकारी नीति में एक अहम बदलाव भी किया है जिसके मुताबिक अब शराब की खरीद का बिल लेना अनिवार्य होगा.

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