
बता दें कि श्री राम सेना विवादित दक्षिणपंथी संगठन है। इसी संगठन के सदस्य को एसआईटी ने गौरी लंकेश हत्याकांड का आरोपी भी बताया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यशस्विनी को पुलिस रिकॉर्ड में बेहद रंगीन मिजाज का, लग्जरी कारों और बाइकों का शौकीन माना जाता है। उसे श्री राम सेना ने संगठन का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।
महेश को कई बार रंगदारी वसूलने और लोगों को ऊंची ब्याज दरों पर पैसा कर्ज पर देने और न चुका पाने पर वसूलने के लिए मारपीट करने पर जेल भेजा जा चुका है। बाद में सुब्रमण्यनपुरा पुलिस थाने के द्वारा मामला दर्ज करने के एक दिन बाद अस्पताल से गायब हो गई थी। बाद में पुलिस उसे जांच के लिए काफी दिनों तक तलाशती रही थी।
एक बार यशस्विनी महेश पर बेंगलुरु एक महिला और उसके परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट का आरोप लगा था। इसके बाद पुलिस वालों की मौजूदगी में वह दिनदहाड़े गायब हो गई थी। महेश अपने दो बच्चों के साथ दक्षिण बेंगलुरु में रहती है।
श्री राम सेना के संस्थापक प्रमोद मुतालिक ने स्थानीय मीडिया को बताया कि महेश कोर्ट के द्वारा दोषी सिद्ध होने तक निर्दोष है। हमारी संस्था की राज्य इकाई के सदस्यों ने यशस्विनी महेश को हिंदू महिलाओं की बेहतरी के लिए काम करने को चुना है और मैंने उसे संगठन के लिए काम करने की अनुमति दी है।”