कांग्रेसी कहलाने में आती है शर्म - विनोद शर्मा

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     पटना।। बिहार में कांग्रेस के प्रवक्ता विनोद शर्मा ने पार्टी पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए अपने पद और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. विनोद शर्मा ने कहा है कि उन्हें देशहित को देखते हुए यह फैसला लिया है. क्योंकि कांग्रेस पार्टी आतंकियों के खिलाफ एयर स्ट्राइक का सबूत मांग रही है. जो कभी देशहित से जुड़ा नहीं हो सकता है. उन्हें अब कांग्रेसी कहलाने में शर्म आती है. इसलिए पार्टी से पहले देश को मानते हुए उन्होंने अपने पद और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. 
     विनोद शर्मा ने पद और पार्टी से इस्तीफा देते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार बालाकोट में हुए आतंकियों के खिलाफ एयर स्ट्राइक के सबूत मांग रही है. जो की गलत है. इतना ही नहीं विनोद शर्मा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को भी इस बारे में चिट्ठी लिखी. जिसमें उन्होंने एयर स्ट्राइक पर सबूत मांगने की बात को गलत ठहराया था. 
     उन्होंने चिट्ठी में लिखा था कि उन्हें कांग्रेसी कहलाने में शर्म आ रही है. उन्होंने एयर स्ट्राइक का सबूत मांगना शर्मनाक बताया. और एयर स्ट्राइक के सबूत मांगने को सेना का मनोबल तोड़ने वाला बताया. विनोद शर्मा ने कहा कि ऐसी ही कारणों से आज कांग्रेस की स्थिती बुरी हो रही है. लोग अब कांग्रेस को पाकिस्तानी एजेंट समझने लगे हैं. 
    विनोद शर्मा ने कहा कि मैं पिछले 30 सालों से कांग्रेस पार्टी से जुड़ा हुआ हूं. उन्होंने पार्टी के लिए बहुत कुछ किया है. लेकिन देशहित को देखते हुए उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है. आपको बता दें कि कांग्रेस ने विनोद शर्मा को हाल ही में जम्बो कमिटी में प्रवक्ता नियुक्त किया था. 
    विनोद शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी को चिट्ठी लिखने के बाद भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. इससे मुझे काफी दुख भी महसूस हुआ. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कार्यकर्ता भी चाहते थे कि पार्टी ऐसे बयान नहीं दे. उन्हें पहले भी चिट्ठी लिखी थी लेकिन कोई संज्ञान नहीं लिया. उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने भी इस बारे में बात की. वह खुलकर नहीं कहते हैं लेकिन वह भी चाहते थे कि पार्टी की ओर से इस तरह के बयान नहीं आए. 
    वहीं, उन्होंने आगे की राह को लेकर कहा कि मुझे जो भी पार्टी राष्ट्रहित से जुड़ा दिखेगा उससे मैं जुड़ जाऊंगा. लेकिन ऐसा हो सकता है कि मैं सामाजिक कार्यकर्ता की तरह भी रह सकता हूं. अभी किसी तरह का फैसला नहीं किया है.

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