डिजिटल पेमेंट : अब आपकी आवाज से हो जाएगा पेमेंट

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बिना इंटरनेट के डिजिटल पेमेंट करने की तैयारी शुरू, अब आपकी आवाज से हो जाएगा पेमेंट
  खबर के मुताबिक, नवंबर, 2020 से टेस्टिंग शुरू कर दी है। जयपुर की नैचुरल सपोर्ट कंसल्टेंसी सर्विसेज ने eRupaya नामक से एक प्रोडक्ट की टेस्टिंग पिछले साल नवंबर में ही शुरू कर दी है. ये प्रोडक्ट नियर-फिल्ड कम्यूनिकेशन (NFC) पर बेस्ड प्रीपेड कार्ड और प्वाइंट ऑफ सेल (POS) का इस्तेमाल करता है. कंपनी ने इसके लिए पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ करार किया है.
    इसमें NFC के जरिए बिना इंटरनेट के भुगतान की सुविधा मिलेगी. ये प्रीपेड कार्ड रोजाना 2000 रुपये से रीचार्ज किया जा सकेगा. महीने में इसमें 20,000 रुपये तक रीचार्ज किया जा सकता है.
   इसी तरह, दिल्ली की एक कंपनी न्यूक्लियस सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट्स लिमिटेड ने अपने प्रोडक्ट PaySe की टेस्टिंग शुरू कर दी है. ऑनलाइन और ऑफलाइन भुगतान कार्ड होगा. इसमें भी पेमेंट के लिए NFC का इस्तेमाल किया जाएगा. यह एक डिजिटल मोबाइल वॉलेट की तरह होगा जो ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में काम करेगा
    इसके अलावा चार कंपनियों ने पिछले महीने दिसंबर में ही टेस्टिंग की शुरुआत की है. मुंबई की टैप स्मार्ट डाटा नाम की एक कंपनी अपने प्रोडक्ट CityCash को लेकर आ रही है, ये एक प्रीपेड कार्ड है जो NFC टेक्नॉलॉजी पर चलता है. ये ऑफलाइन पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) पेमेंट की सुविधा देता है. इसका इस्तेमाल ग्राहक बसों के लिए यात्रा पास (travel pass) की तरह कर सकते हैं, मर्चेंट को पेमेंट के लिए वॉलेट की तरह भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. Fino Paytech कई निवेशकों में से एक है जो इस कंपनी को फंड कर रही है.
    बैंगलुरू की एक कंपनी Naffa Innovations ऐसा प्रोडक्ट बना रही है जो ध्वनि तरंगों का इस्तेमाल कर पेमेंट की प्रक्रिया को पूरा करेगी. इस प्रोडक्ट के ब्रांड का नाम है ToneTag है. इसका इस्तेमाल फीचर फोन सहित किसी भी मौजूदा डिवाइस पर किया जा सकता है. ToneTag UPI के जरिए मर्चेंट को ऑफलाइन पेमेंट की टेस्टिंग कर रही है. यह NFC पेमेंट्स की तरह ही काम करता है. इस प्रक्रिया में एक ध्वनि तरंग पैदा होती है जिसमें डाटा होता है, ये ध्वनि मर्चेंट का डिवाइस रिसीव करता है, इसके साथ ही डाटा ट्रांसफर हो जाता है और प्रक्रिया पूरी हो जाती है. कंपनी की उपयोग की जाने वाली तकनीक के लिए कई पेटेंट हैं.
   बैंगलुरु की ही एक दूसरी कंपन है Ubona Technologies जो ध्वनि तरंगों के इस्तेमाल से पेमेंट प्रक्रिया पर काम कर रही है. कंपनी ग्राहक की आवाज के वेरिफिकेशन और आइडेंटिफिकेशन की प्रक्रिया के बाद पेमेंट की सुविधा ऑफर कर रही है. कंपनी वॉयस बेस्ड UPI सॉल्यूशंस की टेस्टिंग कर रही है, जिसमें पर्सन टू पर्सन (P2P) और पर्सन टू मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शन किया जा सकेगा.
    रिजर्व बैंक ने जिन छह कंपनियों को चुना है उनमें से एक नोएडा की कंपनी Eroute Technologies है. कंपनी एक UPI बेस्ड ऑफलाइन मोबाइल सॉल्यूशन की टेस्टिंग कर रही है. जिसमें एक स्मार्टकार्ड में एक सिम के जरिए पेमेंट किया जा सकेगा.

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