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वाहनों से पेट्रोल डीजल की विदाई का समय आ गया है - नितिन गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जिस कार में बैठे थे, वह कार 170  किलोमीटर की स्पीड से दौड़ी 
यहां छोटे प्लेन भी उतारेंगे
15 माह में तैयार हो जाएगा दिल्ली-मुंबई डेडिकेटेड इलेक्ट्रिक व्हीकल एक्सप्रेस हाइवे
विश्व का पहला हाईवे होगा जिसके एलिवेटेड रोड पर सिर्फ जंगली जानवर दौड़ेंगे
   देश में तेज़ी से विकास कार्यों को एक नया आयाम देने वाले एकमात्र केंद्रीय मंत्री जो वर्तमान में सड़क मंत्री का पद संभाल रहे है जी हां हम बात कर रहे है देश के सक्रीय नेता नितिन गडकरी जी की। नितिन गडकरी ने कहा है कि वाहनों से पेट्रोल डीजल की विदाई का समय अब आ गया है। यही नहीं मंत्री जी का कहना है की अब टू व्हीलर भी बैटरी के साथ-साथ इथेनॉल से चलेंगे। वही गडकरी ने राजस्थान की गहलोत सरकार की प्रशंसा भी की है। 
   16 सितंबर को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने राजस्थान के दौसा में दिल्ली मुंबई के बीच बनने वाले ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस हाईवे के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। 
       एक हजार 350 किलोमीटर लंबा यह हाईवे विश्व का पहला हाईवे होगा, जिस पर सिर्फ इलेक्ट्रिक व्हीकल ही चलेंगे। गडकरी ने बताया कि यह हाईवे दिल्ली राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगा। इस मार्ग में तीन चार अभ्यारण भी हैं। अभ्यारण के जानवरों को कोई परेशानी न हो इसके लिए सड़क के ऊपर एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा, इस रोड पर सिर्फ जंगली जानवर ही दौड़ सकेंगे। गडकरी ने कहा कि यह ग्रीन फील्ड हाईवे अगले 15 माह में बनकर तैयार हो जाएगा। इस मार्ग पर कोई सवा लाख करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी। गडकरी ने कहा कि अब वाहनों से पेट्रोल डीजल की विदाई का समय आ गया है। सरकार जहां एक ओर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है वहीं ईंधन में इथेनॉल का उपयोग भी होने लगा है। आने वाले दिनों में टू-व्हीलर इथेनॉल से ही चलेंगे। लोगों को अब 110 रुपए लीटर का पेट्रोल खरीदने की जरूरत नहीं होगी। गडकरी ने कहा कि वे चाहते हैं कि जयपुर-दिल्ली के बीच भी ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस हाईवे बने। उन्होंने कहा कि दिल्ली मुंबई का हाईवे बनने के बाद जयपुर से दिल्ली का सफर मात्र दो घंटे का रह जाएगा। गडकरी ने कहा कि इस हाईवे के दोनों ओर फलदार पेड़ लगाए जाएंगे, लेकिन पेड़ों पर लगे फल  को मनुष्य नहीं खा सकेंगे। यह फल सिर्फ पक्षियों के लिए होंगे। उन्होंने माना कि हाईवे बनने से हजारों पेड़ काटे जाएंगे, इससे पक्षियों की भी परेशानी होगी, लेकिन हाईवे के दोनों ओर फलदार वृक्ष लगाकर भरपाई की जाएगी। गडकरी ने इस बात पर अफसोस जताया कि हाइवे के किनारे के सीसीटीवी कैमरे अथवा सोलर पैनल लगाए जाते हैं उन्हें भी चोरी कर लिया जाता है। गडकरी ने कहा कि ऐसे संसाधनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं है, आम व्यक्ति का भी यह दायित्व है कि वह सरकारी संपत्ति की सुरक्षा करे। 
राजस्थान का विकास होगा:
     गडकरी ने कहा कि दिल्ली मुंबई ग्रीन फील्ड हाईवे बनने से राजस्थान का भी विकास होगा। यह हाइवे राजस्थान के भरतपुर, अलवर, दौसा, सवाई माधोपुर, टोंक, बूंदी, कोटा से होकर गुजरेगा। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि हाइवे के किनारे वाली जमीन को अभी नहीं बेचा जाए। उन्होंने कहा कि जब हाइवे बनकर तैयार हो जाएगा। तब जमीनों का भाव बहुत ऊंचा होगा। हाइवे के किनारे होटल, रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप आदि शुरू होते हैं तो हजारों लोगों को रोजगार मिलता है। गडकरी ने कहा कि वे मुफ्त सेवा के पक्ष में नहीं है। यदि पत्रकार भी टोल रोड से गुजरते हैं तो उन्हें भी टोल टैक्स देना ही चाहिए। सरकार के पास ऐसी कोई योजना नहीं है, जिसमें पत्रकारों को टोल टैक्स न देने पड़ा। गडकरी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की भी प्रशंसा की। गडकरी ने कहा कि भूमि अधिग्रहण अथवा अन्य कार्यों के लिए जब कभी राज्य सरकार के सहयोग की जरूरत हुई तो उनके विभाग को हमेशा सहयोग मिला। गडकरी ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व परिवहन मंत्री यूनुस खान की कार्यशैली की भी प्रशंसा की। गडकरी ने दौसा में एक समारोह को संबोधित करते हुए एक्सप्रेस हाईवे के निर्माण कार्य में लगे अधिकारियों से भी कहा कि वे कोई पैसा नहीं लेते हैं, इसलिए उन्हें भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं है। यदि भ्रष्टाचार की शिकायत आती है तो वे संबंधित अधिकारी को रगड़ देंगे। गडकरी ने सड़क मार्ग से बस पर सवार होकर निर्माण कार्यों का जायजा भी लिया। इस अवसर पर राज्य के मंत्री, सांसद, विधायक आदि भी गडकरी के साथ थे।
 

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