भील समग्र विकास परिषद, कुशलगढ़ में धूमधाम से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस: उठी 'कोटे में कोटा' आरक्षण लागू करने की जोरदार मांग
बांसवाड़ा, राजस्थान : 9 अगस्त को कुशलगढ़ स्थित भील समग्र विकास परिषद के प्रांगण में विश्व आदिवासी दिवस World Tribal Day 2026 अत्यंत उत्साह, उमंग और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रूप जी बारिया ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व संसदीय सचिव भीमाभाई डामोर ने शिरकत की। इस भव्य आयोजन में आदिवासी संस्कृति, एकता और अधिकारों की मजबूती का सशक्त संदेश दिया गया।
प्रमुख मांग: राज्य प्रशासनिक सेवाओं में टीएसपी क्षेत्र को मिले 6.5% आरक्षण
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के 1 अगस्त 2024 के ऐतिहासिक फैसले का हवाला देते हुए एक स्वर में मांग उठाई कि राजस्थान में जनजाति वर्ग को देय 12% आरक्षण में से टीएसपी क्षेत्र को 6.5% आरक्षण, राज्य प्रशासनिक सेवाओं सहित प्रथम श्रेणी की नौकरियों में तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। इसके साथ ही "कोटे में कोटा" आरक्षण लागू करवाने और युवाओं पर लागू बाध्यताओं को समाप्त करने के लिए एक ठोस आंदोलन की रणनीति बनाने पर भी गंभीर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
Adivasi Diwas Celebration समारोह में क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक, अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
कानहीग़ रावत (प्रधान, पंचायत समिति कुशलगढ़)
दीप सिंह वसुनिया (जिलाध्यक्ष, भाजपा युवा मोर्चा)
खातूराम कटारा व देवीलाल जी डामोर (पूर्व तहसीलदार)
जीतमल पांणदा (पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी)
सरदार सिंह कटारा (पूर्व बैंक मैनेजर)
डॉ. वजहिंग मईडा (अध्यक्ष, भील समाज सुधार समिति)
बहादुर सिंह डामोर (जिलाध्यक्ष, राजस्थान वनवासी कल्याण परिषद)
डॉ. प्रवीण डामोर (मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कुशलगढ़)
कार्यक्रम का कुशल संचालन स्कूल व्याख्याता भानु प्रताप मईडा ने किया तथा अंत में आभार व्यक्त राकेश पारगी द्वारा किया गया। इस दौरान केसर सिंह डामोर, राकेश देवदा, धीरज डामोर, अश्विन डामोर, सुखलाल वड़किया, बादर सिंह कटारा, फतेह सिंह देवदा, देवीलाल देवदा, लाल सिंह देवदा, वालसिंह मईडा, सुनील पारगी, दोलसिंह डामोर, प्रेम सिंह डामोर और नरेश देवदा सहित अनेक कार्यकर्ता एवं नागरिक मौजूद रहे।
बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय एवं घोषणाएं
विकास, समाज सुधार और संस्कृति संरक्षण को लेकर कार्यक्रम में कई बड़े और दूरगामी निर्णय लिए गए:
शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार: आगामी सत्र से भील समाज के विकास के लिए परिषद परिसर में निजी महाविद्यालय (Private College) शुरू करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
आरोग्य और समाज सेवा: कुशलगढ़ क्षेत्र में जल्द ही एक विशाल रक्तदान शिविर (ब्लड डोनेशन कैंप) Blood Donation Camp आयोजित करने और क्षेत्र में ब्लड बैंक की आवश्यकता को पूरा करने के लिए ठोस पहल करने का निर्णय लिया गया।
सामूहिक आयोजन: समाज की एकता को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया कि आगामी वर्ष से विश्व आदिवासी दिवस के सभी ब्लॉकों के समस्त कार्यक्रम संयुक्त रूप से भील समग्र विकास परिषद, कुशलगढ़ में ही आयोजित किए जाएंगे।
राष्ट्रीय गौरव दिवस: आगामी 15 नवंबर को 'बिरसा मुंडा राष्ट्रीय गौरव दिवस' भी इसी परिषद परिसर में अत्यंत धूमधाम और भव्यता के साथ मनाने की घोषणा की गई।
समाज सुधार के संकल्प: समाज में व्याप्त कुप्रथाओं जैसे दहेज प्रथा, शराब सेवन और डीजे संस्कृति का कड़ा विरोध करने तथा इसके स्थान पर पारंपरिक वाद्य यंत्रों को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया गया।
पर्यावरण संरक्षण: पर्यावरण को हरा-भरा रखने के लिए प्रत्येक नागरिक द्वारा पौधारोपण करने और उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प दोहराया गया।
शिक्षक सम्मान: समाज के युवाओं के लिए चलाई जा रही निःशुल्क कोचिंग कक्षाओं में अपनी सराहनीय सेवाएं दे रहे शिक्षकों का विशेष सम्मान किया गया और उन्हें विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रेरित किया गया।
विशाल जनसमूह की उपस्थिति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ यह आयोजन आदिवासी समाज की जागृति, एकता और उनके अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का एक अनूठा उदाहरण बन गया।
