बांसवाड़ा/राजस्थान।। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से भ्रष्टाचार और मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। जिले के 6 तहसीलों में सक्रिय कुल 41 राशन डीलरों ने मिलीभगत कर गरीबों के हक के राशन पर सरेआम डाका डाल दिया। इन भ्रष्ट डीलरों ने मिलकर कुल 6 लाख 64 हजार किलोग्राम (6,640 क्विंटल) सरकारी गेहूं का गबन कर लिया, जिसकी बाजार में कीमत करीब 1.80 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
रसद विभाग की भूमिका पर भी उठे सवाल: 'कुंभकर्णी नींद' में क्यों था अमला?
इस बेहद चौंकाने वाले खुलासे ने रसद विभाग की पूर्व की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनता के बीच यह चर्चा आम है कि जब राशन डीलर इतने बड़े पैमाने पर हेराफेरी कर रहे थे, तब विभाग का स्थानीय अमला कुंभकर्णी नींद क्यों सोया हुआ था? क्या यह पूर्व अधिकारियों की लापरवाही थी, उदासीनता थी या फिर इस पूरे रेकेट को मौन स्वीकृति मिली हुई थी? अगर समय रहते औचक निरीक्षण और कड़े कदम उठाए जाते, तो गरीबों का करोड़ों का अनाज बाजार में कौड़ियों के भाव नहीं बिकता।
आंकड़ों का खेल: जानिए किस तहसील में कितना हुआ गबन
विभागीय जांच में सामने आया काला चिट्ठा यह बताने के लिए काफी है कि यह घोटाला कितने सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया जा रहा था। रिकाॅर्ड में फर्जी वितरण दिखाकर और कागजों में हेराफेरी कर इस खेल को खेला गया।
| तहसील | गबन किया गया गेहूं (क्विंटल में) | बाजार में अनुमानित कीमत (रुपए) |
| कुशलगढ़ | 1,215 क्विंटल | 32,80,500 |
| घाटोल | 1,230 क्विंटल | 35,90,000 |
| बांसवाड़ा | 1,493 क्विंटल | 43,11,000 |
| आनन्दपुरी | 1,331 क्विंटल | 35,93,700 |
| अरथुना | 920 क्विंटल | 24,84,000 |
| आंबापुरा | 351 क्विंटल | 9,47,700 |
| कुल योग | 6,640 क्विंटल (6.64 लाख किग्रा) | करीब 1.80 करोड़ |
अब दर्ज होगी FIR, होगी सख्त रिकवरी
लोकसभा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा फर्जीवाड़ा रिकॉर्ड में हेर-फेर और बोगस एंट्रीज के जरिए पकड़ा गया है।
अधिकारियों का पक्ष:
"विभागीय जांच और फिजिकल वेरिफिकेशन में यह गंभीर गड़बड़ी और गबन का मामला पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है। आरोपी सभी 41 राशन डीलरों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराई जा रही है। इनसे बाजार दर पर पूरी राशि की वसूली (रिकवरी) की जाएगी और इनके लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त करने की विधिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।"
— ओमप्रकाश जोतड़, जिला रसद अधिकारी (DS0), बांसवाड़ा
फिलहाल इस खुलासे के बाद से जिले के राशन डीलरों में हड़कंप मचा हुआ है। देखना यह है कि प्रशासन कितनी जल्दी इन भ्रष्टाचारियों से वसूली कर इन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजता है।

