BSTC वेबसाइट से अलॉटमेंट लिस्ट ओर कटऑफ गायब, लोगो ने लगाया गड़बड़ी का आरोप

0
अभिभावकों का आरोप ऑफिशियल वेबसाइट पर अलॉटमेंट लिस्ट ओर कटऑफ क्यों जारी नहीं की गई
सीट अलॉटमेंट से पहले काउंसलिंग के नाम पर 3000 रूपये क्यों वसूले गए
लाखों बच्चों से 3000 रूपये लेकर 2900 रूपये ही क्यों लौटाए जायेंगे, 100 रूपये किस बात के काटे जायेगे
क्या सीट अलॉटमेंट के नाम पर बड़े स्तर का घोटाला किया जा रहा है
क्या BSTC 2026 एक बड़ा स्केम है
  कोटा/बांसवाड़ा/राजस्थान।। हाल ही राजस्थान में VMOU कोटा द्वारा आयोजित BSTC 2026 में बड़े स्केम और घोटाले की सम्भावना जताई जा रही है। आपको ज्ञात होगा कि वर्ष 2014 के बाद से केंद्र और विभिन्न राज्यों में भाजपा (BJP) सरकारों पर कई प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्तियों में भ्रष्टाचार, धांधली, और पेपर लीक के गंभीर आरोप लगे हैं। यदि इन घोटालों पर गौर करें तो प्रमुख घोटालों और विवादों की सूची इस प्रकार है :-
1. नीट (NEET-UG) और यूजीसी नेट (UGC-NET) पेपर लीक विवाद (2024-2026): हाल ही में देश के सबसे बड़े मेडिकल और प्रोफेसर पात्रता परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के कारण भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री को आमजनता और विपक्ष के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा है। लेकिन EVM इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ा। 
2. कर्मचारी चयन आयोग (SSC) परीक्षा घोटाला (2018): एसएससी-सीजीएल (SSC-CGL) परीक्षा के पेपर लीक और कथित धांधली के खिलाफ देशभर में हुए हिंसक छात्र प्रदर्शनों के बाद केंद्र सरकार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच के आदेश देने पड़े थे।
3. व्यापम घोटाला (मध्य प्रदेश): साल 2013 के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार में व्यापम (MPPEB) के जरिए मेडिकल प्रवेश और सरकारी नौकरियों की भर्तियों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी, रिश्वतखोरी और संदिग्ध मौतों के आरोप लगे।
4. उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) और अन्य भर्तियां: उत्तर प्रदेश में भी बीजेपी सरकार के कार्यकाल में 2021 के यूपीटीईटी पेपर लीक सहित कई अन्य सरकारी भर्तियों में पेपर लीक और माफियाओं की मिलीभगत के आरोप लगते रहे हैं।
  आपको पता होगा कि राजस्थान पेपर लीक प्रकरण यानि की पिछली कांग्रेस सरकार के समय के पेपर लीक मामलों में भाजपा ने कांग्रेस को देश विरोधी बताते हुए आये दिन विरोध प्रदर्शन दर्ज करवाए थे, वहीं 2024 के बाद  राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार के दौरान भी विपक्ष द्वारा नीट जैसी परीक्षाओं में भाजपा से जुड़े नेताओं के नाम लेकर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।
प्री डी.एल.एड. (BSTC) 2026
  इन सब स्कैमों के बीच राजस्थान में VMOU कोटा BSTC-2026 की प्रवेश परीक्षा के लाखो बच्चो के भविष्य के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आया है, जानकारी के मुताबिक राजस्थान में BSTC-2026 (Pre D.El.Ed) के लिए 6 लाख से अधिक बच्चों ने आवेदन किया था, जिसमे ऑनलाइन आवेदन से लेकर एडमिशन तक यानि की राजस्थान प्री डी.एल.एड. (BSTC) 2026 की परीक्षा और काउंसलिंग के लिए विभिन्न चरणों में निम्नलिखित शुल्क लिया गया :-
आवेदन शुल्क (Application Fee): केवल एक पाठ्यक्रम (सामान्य या संस्कृत) के लिए: 450 रूपये 
दोनों पाठ्यक्रमों के लिए: 500 रूपये 
काउंसलिंग रजिस्ट्रेशन शुल्क (Counselling Registration Fee): कॉलेज चॉइस भरने के लिए 3,000 रूपये का शुल्क लिया गया। 
एडमिशन फीस (Admission Fee): काउंसलिंग में सीट अलॉट होने के बाद कॉलेज कन्फर्मेशन के लिए 13,555 रूपये जमा करने को कहा गया। 
प्री डी.एल.एड. (BSTC) 2026
  इस प्रकार लाखों गरीब बच्चो से करोड़ों रूपये परीक्षा शुल्क के नाम पर वसूल किया गया। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ओर अभिभावकों ने बताया कि उक्त प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट जारी होने के बाद राजस्थान प्री डी.एल.एड. (BSTC) 2026 की ऑफिसियल वेबसाइट https://predeledraj2026.com/vcnt.php पर कॉउंसलिंग रजिस्ट्रेशन के नाम पर चयनित होने से पहले ही लाखों बच्चों से 3000 रूपये यह कहते हुए वसूल कर लिए गए की यदि उनका सिलेक्शन नहीं होता है, तो उन्हें यह पैसा 45 दिनों बाद 100 रूपये कटौती कर 2900 रूपये लौटा दिये जाएगे। इस तरह 12वीं पास बच्चों से करोड़ों रुपया BSTC की डिग्री करवाने के नाम पर लूट लिया गया। 
   अभिभावकों का कहना है कि ऑफिसियल वेबसाइट पर अलॉटमेंट लिस्ट ओर कटऑफ जारी किये बिना ही VMOU कोटा द्वारा BSTC 2026 मे कुछ लोगो को गुपचुप तरीके से कॉलेज अलॉट कर दिए गए है। बांसवाड़ा सहित राजस्थान में BSTC 2026 में अलॉटमेंट लिस्ट ओर कटऑफ जारी नहीं करना गरीब बच्चों के भविष्य के साथ साज़िशन खिलवाड़ किया गया है, इस सम्बन्ध में BSTC 2026 की ऑफिशियल वेबसाइट https://predeledraj2026.com/vcnt.php पर दिए नम्बरों पर कॉल कर जब इस सम्बन्ध में जानकारी चाही गई तो सम्बंधित कर्मचारियों ने बड़े अधिकारीयों के ना कहने पर इस सम्बन्ध में कोई भी उचित जानकारी देने से साफ तौर पर इंकार कर दिया गया।

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top