BJP को लगा बड़ा झटका! बड़ी सरवा पंचायत में 150 से अधिक साथियों ने पहना कांग्रेस का दुपट्टा

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बड़ी सरवा में भाजपा को बड़ा झटका: विधायक रमिला खड़िया के नेतृत्व में 150 से अधिक लोगों ने थामा कांग्रेस का हाथ

कुशलगढ़ (बांसवाड़ा) : राजस्थान के बांसवाड़ा जिले की कुशलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में आगामी राजनीतिक व चुनावी हलचलों के बीच भारतीय जनता पार्टी को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। मध्यप्रदेश की सीमा से सटी सीमावर्ती ग्राम पंचायत बड़ी सरवा (खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र) में आयोजित एक विशाल चुनावी बैठक में स्थानीय विधायक श्रीमती रमिला हुरतिंग खड़िया के नेतृत्व में लगभग 150 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं, किसानों और युवाओं ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

मध्य प्रदेश बॉर्डर पर बदला राजनीतिक समीकरण: कुशलगढ़ में विधायक रमिला खड़िया के नेतृत्व में कांग्रेस का दबदबा

गर्मजोशी से स्वागत और शक्ति प्रदर्शन

चुनावी सभा में कांग्रेस पार्टी के रीति-नीतियों और क्षेत्र में हुए विकास कार्यों से प्रभावित होकर लोगों ने कांग्रेस का दामन थामा। विधायक श्रीमती रमिला खड़िया ने सभी नवागत सदस्यों का माला पहनाकर और कांग्रेस का पारंपरिक दुपट्टा ओढ़ाकर पार्टी में अभिनंदन किया। इस दौरान पूरा सभा स्थल "रमिला खड़िया जिंदाबाद" और कांग्रेस पार्टी के नारों से गूंज उठा।

गांववार शामिल हुए कार्यकर्ताओं का ब्योरा:

  • बड़ी सरवा: ~100 साथी

  • महुड़ा: ~20 साथी

  • पाटन: ~20 साथी

  • दरोबड़िया: ~10 साथी

  • सरोना: ~10 साथी

  • पीपलीपाड़ा: ~10 साथी

"विकास ही हमारा मुख्य मुद्दा" — विधायक रमिला खड़िया

सभा को संबोधित करते हुए कुशलगढ़ विधायक रमिला खड़िया ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से गरीब, किसान, दलित और आदिवासी समाज के अधिकारों व उत्थान के लिए प्रतिबद्ध रही है।

"मध्यप्रदेश की सीमा से सटे इस सीमावर्ती क्षेत्र में दशकों तक मूलभूत सुविधाओं की उपेक्षा हुई, लेकिन कांग्रेस कार्यकाल के दौरान यहाँ सड़कों का नेटवर्क बिछाया गया, घर-घर नल से पेयजल पहुँचाया गया और शिक्षा के बुनियादी ढाँचे को मजबूत किया गया। हमारी राजनीति धर्म व जाति पर नहीं, बल्कि धरातलीय विकास पर आधारित है।"

— रमिला खड़िया, विधायक (कुशलगढ़)

विधायक ने सभी नए सदस्यों को भरोसा दिलाया कि पार्टी में उन्हें पूरा मान-सम्मान मिलेगा और वे हमेशा उनके हर सुख-दुख में साथ रहेंगी।

भाजपा के गढ़ में सेंध और चुनावी सरगर्मी

बड़ी सरवा पंचायत क्षेत्र को पारंपरिक रूप से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में एक साथ 150 से अधिक प्रमुख कार्यकर्ताओं का कांग्रेस में शामिल होना क्षेत्रीय राजनीति में एक बड़े उलटफेर का संकेत माना जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, भाजपा के स्थानीय नेतृत्व की उपेक्षा और विकास कार्यों में असमानता के चलते कार्यकर्ताओं में काफी समय से नाराजगी थी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खेड़ा धरती घाटा क्षेत्र की 6 पंचायतों में बड़ी सरवा सबसे प्रमुख पंचायत है, और यहाँ से बनने वाला राजनीतिक माहौल पूरे कुशलगढ़ क्षेत्र के आगामी चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

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