बांसवाड़ा के गढ़ी क्षेत्र में बड़ा हादसा टला: बोरी गांव में रात को घर के बाहर सो रहे परिवार के पास पहुंचा 6 फीट लंबा मगरमच्छ, सुरक्षित रेस्क्यू
बांसवाड़ा जिले के गढ़ी क्षेत्र के आदर्श गांव बोरी से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। शुक्रवार रात करीब 3 बजे आबादी क्षेत्र में एक 6 फीट लंबा मगरमच्छ आ जाने से हड़कंप मच गया। गनीमत यह रही कि समय रहते स्थानीय युवाओं की सतर्कता और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।
घटना का पूरा विवरण
समय और स्थान: शुक्रवार रात करीब 3 बजे, आदर्श गांव बोरी (गढ़ी क्षेत्र, बांसवाड़ा)।
घटनाक्रम: एक विशाल 6 फीट लंबा मगरमच्छ भटककर रिहायशी इलाके में घुस आया और एक घर के पास पहुंच गया। उसी घर के बाहर परिवार के लोग खाट (चारपाई) पर चैन से सो रहे थे।
युवाओं की सतर्कता: रात के सन्नाटे में इलाके के कुछ जागरूक युवाओं की नजर इस खतरनाक वन्यजीव पर पड़ी। उन्होंने बिना देर किए तुरंत अपनी जान की परवाह न करते हुए शोर मचाया और सो रहे परिवार को सुरक्षित उठाया। परिवार के जागते ही वे तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचे।
इस तरह हुआ सफल रेस्क्यू अभियान
मगरमच्छ के आबादी क्षेत्र में घुसने की सूचना मिलते ही स्थानीय स्तर पर तुरंत मदद जुटाई गई:
टीम का पहुंचना: फोन के माध्यम से सूचना मिलने पर परतापुर गौशाला की रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
प्रशासन और स्थानीय सहयोग: गढ़ी और अरथुना पुलिस थानों के साथ-साथ स्थानीय युवाओं और मोहल्लेवासियों ने रेस्क्यू टीम का पूरा सहयोग किया।
सुरक्षित वापसी: कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए 6 फीट लंबे इस मगरमच्छ को सुरक्षित काबू में कर लिया। इसके बाद उसे सकुशल पास की नदी में प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
सराहनीय योगदान
इस सफल और सुरक्षित रेस्क्यू अभियान में राहुल पंचाल, परेश डिंडोर, कृष्णा खराड़ी, नयन डाबी, नितेश कलाल, रामा, गिरीश खांट, पार्षद गायत्री खांट सहित तमाम मोहल्लेवासियों और पुलिस प्रशासन की टीम का विशेष सहयोग रहा।
रात के समय नदी या जलाशयों के पास बसे इलाकों में जंगली जीवों (खासकर मगरमच्छों) का बाहर निकलना चिंता का विषय जरूर बनता है, लेकिन युवाओं की समय पर दिखाई गई तत्परता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जन-जागरूकता और आपसी सहयोग से किसी भी बड़े खतरे को टाला जा सकता है।

