बांसवाड़ा कोर्ट परिसर में ACB का बड़ा एक्शन: होमगार्ड और CJM कोर्ट का रीडर 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
बांसवाड़ा (राजस्थान) : देश में लाखों रुपए की तनख्वाह लेकर भी गरीबों और मजबूर लोगों को लूटने वाले लालची लोगों की संख्या तेज़ी से बढ़ती जा रही है। लेकिन ऐसे भ्रष्ट लोगों को शायद यह पता नहीं कि इस पारदर्शी सरकार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है, जो गरीबों की एक आवाज़ पर ऐसे चोरों को सरकारी नौकरी से बर्खास्त कर जेल की सलाखों के पीछे पहुँचाने में देर नहीं करती। इसी कड़ी में बांसवाड़ा जिला कोर्ट परिसर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी ने कार्रवाई करते हुए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (AJM) कोर्ट के ड्राइवर सह होमगार्ड राहुल चंदेल और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट के रीडर संदीप नानावटी को 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व ACB के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) रतनसिंह ने किया।
मामला क्या था? (पूरा घटनाक्रम)
जमानत के बाद धमकी: जानकारी के अनुसार, धोखाधड़ी (धारा 420) के एक मामले में चंदा प्रजापत को CJM कोर्ट से जमानत मिल गई थी।
रिश्वत की मांग: जमानत की तस्दीक होने के बाद, आरोपियों ने परिवादी (चंदा प्रजापत के भाई) को डराया कि वे जमानत खारिज करवा देंगे। इसके एवज में कथित तौर पर 1 लाख रुपए की भारी-भरकम राशि की मांग की गई।
सौदा तय और पहली किस्त: परिवादी द्वारा असमर्थता जताने पर आखिरकार सौदा 70,000 रुपए में तय हुआ। इसमें से 30,000 रुपए पहले ही लिए जा चुके थे।
इस तरह बिछाया गया जाल और हुई गिरफ्तारी
बाकी रकम का भुगतान: सोमवार को परिवादी शेष बचे हुए 40,000 रुपए की रिश्वत देने के लिए बांसवाड़ा कोर्ट परिसर पहुंचा था।
होमगार्ड की गिरफ्तारी: योजना के मुताबिक, जैसे ही पैसों का लेन-देन हुआ, एसीबी की टीम ने पहले होमगार्ड राहुल चंदेल को दबोच लिया।
रीडर का नाम आया सामने: कड़ाई से पूछताछ करने पर CJM कोर्ट के रीडर संदीप नानावटी की संलिप्तता का खुलासा हुआ, जिसके बाद एसीबी ने उसे भी शिकंजे में ले लिया।
क्या जज भी इस खेल में शामिल थे? उठ रहे हैं बड़े सवाल
इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या इस रिश्वतखोरी के खेल में CJM कोर्ट के जज या अन्य अधिकारी भी संलिप्त थे? आखिर किसकी शह पर कोर्ट परिसर के भीतर धड़ल्ले से रिश्वत का यह गंदा खेल चल रहा था? स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इस पूरे सिंडिकेट की गहराई से जांच होने पर ही असली चेहरों और बड़े नामों का खुलासा हो सकेगा। इसके साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि कोर्ट में और कौन-कौन से और कितने रीडर व कारिंदे मिलकर इस रिश्वत के सिंडिकेट को चला रहे हैं।
कोर्ट परिसर में मचा हड़कंप
ACB की इस अचानक और ताबड़तोड़ कार्रवाई से बांसवाड़ा कोर्ट परिसर और न्यायिक गलियारों में हड़कंप मच गया। वकीलों और अन्य कार्मिकों के बीच दिनभर इस बात की चर्चा होती रही। एसीबी की टीम फिलहाल दोनों आरोपियों के ठिकानों और इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच के लिए गहन सर्च अभियान चला रही है। मामले में आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत ब्यौरे का इंतजार है।

