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ताजमहल की जगह शिव मंदिर होने का कोर्ट में दावा

    आगरा।। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी धार्मिक मुद्दों पर विवादों से बचने की कोशिश कर रहे हैं वैसे में आरएसएस की तरफ झुकाव रखने वाले 6 वकीलों ने आगरा सिटी के सिविल कोर्ट में बुधवार को दावा किया है कि जहां ताजमहल है वहां पहले एक शिव मंदिर था।
   वादी हरिशंकर जैन समेत पांच अन्य ने भगवान अगरेश्वर महादेव को मुख्य मुद्दई बनाया है। इन्होंने दावा किया है कि ताजमहल की मेटेनेंस की जिम्मेदारी पुरातात्विक सर्वे ऑफ इंडिया से इन्हें सौंपी जाए। इन वादियों का दावा है कि ताज की संपत्ति पर असली स्वामित्व भगवान अगरेश्वर महादेव का होना चाहिए।
    कोर्ट में इन वकीलों ने विनती की है कि ताजमहल से सभी कब्रों को हटाया जाए। इसके साथ ही मांग की गई है कि यहां मुस्लिमों को इबादत से रोका जाए और हिन्दुओं को भागवान शिव की पूजा की अनुमति दी जाए।
इन वकीलों ने कोर्ट में कहा है कि जहां आज की तारीख में ताज की इमारत है वहां हिन्दू पूजा करते रहे हैं।
   इस विनय पत्र में दावा किया गया है कि प्राचीन काल में ताज की जगह पर भगवान अगरेश्वर महादेव नागनाथेश्वर का मंदिर का था। ऐसे में ताज की संपत्ति इसी मंदिर का है।