पेरिस में आतंकी हमला करने वाला दुनिया का सबसे खूंखार आतंकवादी संगठन ISIS पैसों से काफी मालामाल है। उसके पास अथाह पैसा है। इसने सीरिया में अपने कब्जे वाले इलाके में तेल के कुओं पर कब्जा कर रखा है जो उसकी कमाई का मुख्य जरिया बने हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक तेल बेचने के लिए ये बिचौलियों की मदद ले रहा है और औसतन हर दिन 13 करोड़ रुपये की कमाई कर रहा है। उसकी कमाई के जरियों में अपहरण, नशीले पदार्थों की तस्करी जैसी चीजें तो हैं ही, जाहिर है फंडिग के मामले में ये दुनिया का सबसे अमीर आतंकवादी संगठन बन चुका है।
पेरिस में हुए आतंकी हमलों के साये में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवादियों की फंडिग पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि पेरिस का आतंकवादी हमला इस बात की ओर गंभीरता से इशारा करता है कि आतंकवादी अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए बेहद लचीला रुख अपनाए हुए हैं और किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ‘आतंकवादी नशीली चीजों की तस्करी, बैंक डकैती, गाड़ियों की चोरी, नकली नोट बनाने जैसे गैर कानूनी कामों से पैसे बना रहे हैं। उनकी फंडिग के जरिए रोक दिए जाएं तो इससे आतंकवादियों की क्षमताएं कम होंगी और उनकी हमले को अंजाम देने की क्षमता कम होगी’। उन्होंने दुनिया को सजग करते हुए कहा कि संगठित अपराध का ग्लोबलाइजेशन दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं के सामने एक बड़ी चुनौती पैदा करता है। सब जानते हैं कि काला धन, अच्छे धन को बाहर भगा देता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज अपराध से अर्जित आमदनी को सेकेंडों में दुनिया के दर्जनों देशों में भेजा जा सकता है और कंपनियों की सिर्फ एक कड़ी के जरिए लेन-देन के सबूत छिपाए जा सकते हैं। अलग-अलग देश होने से जांच एजेंसियां सीमा में बंध जाती हैं। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि ऐसी सूचनाओं को साझा किया जाए। उन्होंने भारत की तरफ से भरोसा दिलाते हुए कहा कि ‘हमारी सरकार पारस्परिक आधार पर सूचनाओं के लेन-देन के लिए समान मानदंड लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है’
पेरिस हमलों को देखते हुए पीएम मोदी की ये सुझाव बहुत ही अहम है। क्योंकि पीएम मोदी से पहले रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन भी आतंकवादियों को हो रही फंडिग पर चिंता जता चुके हैं। उन्होंने तुर्की में जी-20 देशों के सम्मेलन के सम्मेलन में साफ-साफ कहा था कि ISIS जैसे खतरनाक आतंकी संगठन को दुनिया के करीब 40 देशों से आर्थिक मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि उनके देश की खुफिया एजेंसियों के पास इस बात के सबूत भी हैं। उन्होंने दावा किया कि ISIS को फंडिग करने वाले देशों में कुछ तो G-20 में शामिल देश भी हैं, हालांकि उन्होंने किसी भी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन दुनिया के बाकी देशों ने इस मसले पर चुप्पी ही साधी हुई है। पुतिन ने कहा कि उन्होंने जी-20 के सदस्य देशों को सैटेलाइट से ली गईं पेट्रोलियम पदार्थों की अवैध तस्करी की तस्वीरें दिखाई हैं,जिनसे पता चलता है कि कैसे दुनिया के कई ताकतवर देश ISIS की मदद कर रहे हैं। पुतिन ने नाम भले ही नहीं लिया लेकिन ISIS की मदद के पीछे अमेरिका और सऊदी अरब जैसे कई प्रमुख देशों के हाथ होने के आरोप लगते रहे हैं। इसी तरह की फंडिग पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों को भी होती है जो भारत में आतंकवाद फैलाते हैं। हाफिज सईद और जकीउर्रहमान लखवी जैसे आतंकियों को पाकिस्तान में मिल रहा संरक्षण और आर्थिक मदद किसी से छिपी नहीं है, लेकिन दुनिया इस ओर से आंखें बंद किए हुए है। आतंकवाद को जब तक एक नजर से देखा नहीं जाता और उसे कमजोर करने के लिए बल प्रयोग के साथ ही एकजुट होकर आर्थिक पाबंदी भी नहीं लगाई जाती तब तक समाज के लिए खतरा बन चुके इस नासूर को खत्म नहीं किया जा सकेगा।
