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गुजरात एटीएस के एक अधिकारी के मुताबिक, असलम पिछले वर्ष तक रेलवे स्टेशन पर अखबार भी बेचता था । भिखारी के वेश में होने से उस पर किसी को शक नहीं होता थां राजकोट में जामनगर रोड पर स्थित साईंबाबा के मंदिर के पास भीख भी मांगता था। क्राइम ब्रांच जांच कर रही है कि डीफ-डंब होने के बावजूद वह किस तरह जासूसी कर रहा था? यह भी आशंका है कि उसके जरिए अहमदाबाद का उसका परिचित ही आईएसआईएस के कॉन्टैक्ट में था। स्टेशन के आसपास के दुकानदारों ने कन्फर्म किया है कि असलम रेलवे के खंडहर पड़े क्वॉर्टर में अकेले रहता था और साईं बाबा मंदिर के पास भीख मांगता था।
