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10 साल से ISIS का मुस्लिम जासूस, मांगता था भीख, एटीएस के हाथ आया

    हरियाणा के अंबाला से गिरफ्तार आईएसआईएस के डीफ-डंब (मूक-बधिर) जासूस असलम के बारे में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। असलम पिछले 10 सालों से राजकोट में रेलवे के खंडहर हो चुके क्वॉर्टर में रह रहा था। इसे लेकर राजकोट में आईएसआईएस के स्लीपर सेल एक्टिव होने की आशंका जताई जा रही है पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आलम ने गुजरात के अहमदाबाद राजकोट और जामनगर में रेकी भी की थी। असलम के पास से मिले जामनगर एवरवेज की तस्वीर तथा आर्मी क्षे़त्रों का नक्शा, चाइनीज दूरबीन व टाॅर्च सहित संदिग्ध वस्तुओं के आधार पर केंद्रीय एजेंसियों ने गुजरात एटीएस को जांच के अदेश दिये है।
    गुजरात एटीएस के एक अधिकारी के मुताबिक, असलम पिछले वर्ष तक रेलवे स्टेशन पर अखबार भी बेचता था । भिखारी के वेश में होने से उस पर किसी को शक नहीं होता थां राजकोट में जामनगर रोड पर स्थित साईंबाबा के मंदिर के पास भीख भी मांगता था। क्राइम ब्रांच जांच कर रही है कि डीफ-डंब होने के बावजूद वह किस तरह जासूसी कर रहा था? यह भी आशंका है कि उसके जरिए अहमदाबाद का उसका परिचित ही आईएसआईएस के कॉन्टैक्ट में था। स्टेशन के आसपास के दुकानदारों ने कन्फर्म किया है कि असलम रेलवे के खंडहर पड़े क्वॉर्टर में अकेले रहता था और साईं बाबा मंदिर के पास भीख मांगता था।