गिरोह विदेश जाने वाले लोगों को ललचाकर मेडिकल चेकअप के बहाने श्रीलंका भेजते थे। वहां उनकी किडनी निकाल ली जाती थी। उन्हें एक किडनी के 27-30 लाख रुपए मिलते थे। गिरोह का सरगना इस काम के 25 लाख रखता था, फाइनेंस का काम कर रहे बाकि दोनों को 1.5 लाख मिलते थे।
क्राइम ब्रांच के एसपी ने बताया कि 8 जनवरी को आंध्रप्रदेश में किडनी निकालने की शिकायत दर्ज हुई थी, इसी के आधार पर इस रहस्य का खुलासा हुआ। पूछताछ में पता चला है कि गिरोह अब तक 30 लोगों की किडनी निकलवा चुके हैं। तीनों आरोपियों को हैदराबाद पुलिस को सौंप दिया गया है।
