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जैन मुनि ने मीट निर्यात पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की, ऐसा न होने पर आमरण अनशन करने की धमकी

  देश से बाहर मीट का निर्यात हमेशा ही एक विवादास्पद मुद्दा रहा है। इसको लेकर अभी तक सियासी बयानबाजी हो ही रही थी। इसी बीच गुरुवार को एक जैन मुनि ने मीट निर्यात पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की है और साथ ही ऐसा न होने पर 'संथारा' (आमरण अनशन) करने की धमकी तक दी है।
    मेरठ के जिलाधिकारी पंकज यादव को लिखे पत्र में जैन मुनि मैत्री प्रभ सागर ने कहा है कि अगर मीट निर्यात पर रोक लगाने की उनकी मांग को नहीं माना गया तो वह अपना अनशन जल्द ही शुरू करेंगे।
    जैन मुनि सागर ने कहा, 'मैं देश से बाहर मीट निर्यात का हमेशा से ही विरोध करता रहा हूं। अभी तक मुझे देश में चल रहे बूचड़खानों को बंद करने को लेकर सिर्फ दिलासा देने के अलावा और कुछ नहीं किया गया है।' अपने इस पत्र में सागर ने प्रशासन से 9 जनवरी को शहर के भैंसाली ग्राउंड में विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति भी मांगी है।
   जिलाधिकारी यादव ने कहा, 'पिछले दो सालों में हमने किसी नए बूचड़खाने को खोलने का लाइसेंस नहीं जारी किया है। मैंने जैन मुनि को भरोसा दिलाया है कि उनकी इस मांग को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि अगर वह फिर भी संथारा करने से नहीं मानते हैं तो हम उन्हें रोकने का प्रयास करेंगे।'