जयंत मलैया की अध्यक्षता गठित मंत्रीपरिषद समिति की बैठक ने मंथन की इस सिफारिश को मंजूरी दी है। समिति के सदस्य के रूप में पंचायत एवं ग्रामीण मंत्री गोपाल भार्गव, राजस्व मंत्री रामपाल सिंह, जीएडी राज्य मंत्री लाल सिंह आर्य और जीएडी के प्रमुख सचिव के सुरेश सहित उप सचिव बीआर विश्वकर्मा मौजूद थे।
अब थाने में एफआईआर दर्ज कराने जाने वाले फरियादी के साथ पुलिस सौहार्द पूर्ण तरीके से पेश आएगी। उनके साथ किसी भी तरीके की बदसलूकी नहीं की जाएगी। इसके लिए मैदानी पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसी प्रकार आदिवासी अपने पारिवारिक कार्य या अन्य महत्वपूर्ण कार्य के लिए पैसों की जरूरत होने पर अपनी जमीन किसी अन्य वर्ग को बेच सकेंगे। जमीन बेचने की इस प्रक्रिया को सरल बनाने राजस्व विभाग आदिवासी भूमि विक्रय अधिनियम में संशोधन करेगा। बैठक में इस सिफारिश मंजूरी की गई।
